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कदाचारमुक्त माहौल में प्रारंभिक विद्यालयों की वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा शुरू

रजौन/बांका/अंग भारत। बांका जिले के रजौन प्रखंड अंतर्गत सभी 180 सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में गुरुवार से शैक्षणिक सत्र 2025-26 की वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा का विधिवत शुभारंभ हुआ। यह परीक्षा पूरी तरह से अनुशासित और कदाचारमुक्त वातावरण में आयोजित की जा रही है, जो 12 मार्च से आरंभ होकर 19 मार्च तक चलेगी। परीक्षा की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने व्यापक स्तर पर व्यवस्था सुनिश्चित की है। इस परीक्षा कार्यक्रम के बीच छात्रों को 13 और 15 मार्च का अवकाश भी प्रदान किया गया है, ताकि वे आगामी विषयों की तैयारी के लिए पर्याप्त समय प्राप्त कर सकें।

परीक्षा का प्रारूप

शैक्षणिक मूल्यांकन को दो पालियों में विभाजित किया गया है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होती है, जबकि दूसरी पाली का समय दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक तय किया गया है। विद्यालय प्रशासन ने मूल्यांकन के तरीके में आयु वर्ग के अनुसार बदलाव किए हैं:

  • कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों के लिए मूल्यांकन पूरी तरह से मौखिक रखा गया है।
  • कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए लिखित परीक्षा की व्यवस्था की गई है।
  • प्रथम दिन की पहली पाली में उच्च कक्षाओं के छात्रों ने पर्यावरण अध्ययन और सामाजिक विज्ञान के प्रश्नों को हल किया।
  • दूसरी पाली में प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों का हिंदी और उर्दू विषयों का मौखिक परीक्षण लिया गया।

पारदर्शिता और सुरक्षा

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कई कड़े कदम उठाए गए हैं। बीईओ सोयम चक्रपाणि कनिष्क ने सभी विद्यालय प्रधानों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए बीआरसी लेखा सहायक मोहम्मद कमरेज आलम ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। विभाग ने एक विशेष रणनीति अपनाई है, जिसके तहत शिक्षकों की तैनाती में फेरबदल किया गया है।

बीआरसी लेखा सहायक मोहम्मद कमरेज आलम के अनुसार, विद्यालय के प्रधान शिक्षक और वरीय शिक्षकों को छोड़कर अन्य सभी शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति दूसरे विद्यालयों में ‘वीक्षक’ के रूप में की गई है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी शिक्षक अपने ही विद्यालय के छात्रों के मूल्यांकन में शामिल न रहे, जिससे पूर्ण निष्पक्षता बनी रहे।

इस प्रकार की व्यवस्था से अभिभावकों और स्थानीय निवासियों में भी शिक्षा प्रणाली के प्रति विश्वास बढ़ा है। विद्यालय स्तर पर चल रही यह वार्षिक प्रक्रिया न केवल बच्चों के शैक्षणिक स्तर का आकलन करती है, बल्कि उन्हें अनुशासित परीक्षा पद्धति से परिचित कराने का भी काम करती है। रजौन प्रखंड के सभी 180 विद्यालयों में चल रही यह परीक्षा शिक्षा विभाग की कार्यकुशलता को दर्शाती है।

परीक्षा सारणी तालिका

विवरण समय/प्रावधान
प्रथम पाली सुबह 10:00 से 12:00 बजे तक
द्वितीय पाली दोपहर 1:00 से 3:00 बजे तक
अवकाश के दिन 13 मार्च एवं 15 मार्च
कुल विद्यालय 180 सरकारी प्रारंभिक विद्यालय

अध्ययन और मूल्यांकन का यह दौर प्राथमिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। बीईओ सोयम चक्रपाणि कनिष्क द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सभी विद्यालय अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। छात्रों की उपस्थिति और उनका उत्साह यह दर्शाता है कि वे अपने शैक्षणिक भविष्य के प्रति गंभीर हैं। आने वाले दिनों में शेष विषयों की परीक्षाएं भी इसी तरह शांतिपूर्ण ढंग से पूरी होने की उम्मीद है।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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