सहरसा,अंग भारत। सहरसा जिला प्रशासन ने मध्य पूर्व में चल रहे सैन्य संघर्षों के मद्देनजर एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कमर कस ली है। जिलाधिकारी के आदेशों का पालन सुनिश्चित करते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी की अगुवाई में समाहरणालय में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह था कि वैश्विक अस्थिरता के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की चेन पर पड़ने वाले किसी भी नकारात्मक प्रभाव को स्थानीय स्तर पर कैसे रोका जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य की संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए एक खाका तैयार कर लिया गया है ताकि आम जनजीवन पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।
आपूर्ति को लेकर प्रशासन
समीक्षा बैठक के दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने सरकारी संस्थानों के सुचारू संचालन को अपनी शीर्ष प्राथमिकता में रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एलपीजी गैस की किल्लत की स्थिति में अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, जीविका दीदी की रसोई, जेल परिसर, मिड-डे मील योजना, एससी-एसटी छात्रावास और पुलिस लाइन जैसे संवेदनशील स्थलों पर ईंधन की कमी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। इन संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे संकट काल के दौरान यदि कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता में समस्या आती है, तो डोमेस्टिक सिलेंडरों के उपयोग को प्राथमिकता दें ताकि सेवाएं न रुकें।
प्रशासन की ओर से जनता से अनुरोध किया गया है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। बाजार में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
एजेंसियों को सख्त निर्देश
बैठक में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के क्षेत्रीय प्रबंधकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे जिले में सिलेंडरों के स्टॉक की निगरानी करें। उन्होंने निर्देश दिया कि सहरसा जिले में किसी भी हालत में वितरण प्रणाली बाधित नहीं होनी चाहिए। इस दौरान गैस एजेंसी संचालकों ने अपनी समस्याओं को साझा करते हुए सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि सिलेंडर वितरण के दौरान कई बार भीड़ के कारण कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा रहता है। इस पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने सभी वितरण केंद्रों पर दंडाधिकारियों की नियुक्ति करने का आश्वासन दिया है ताकि गैस एजेंसी संचालकों को काम करने में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इस बैठक में उपस्थित अधिकारियों और हितधारकों की सूची निम्नलिखित है:
- जिला आपूर्ति पदाधिकारी (अध्यक्ष)
- सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी
- सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी
- एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के क्षेत्रीय प्रतिनिधि
- जिले के सभी गैस एजेंसी संचालक
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्टॉक की कालाबाजारी करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी इन्वेंट्री का विवरण नियमित रूप से प्रखंड आपूर्ति कार्यालय को भेजते रहें। सरकार द्वारा तय कीमतों पर ही गैस वितरण सुनिश्चित करना हर एजेंसी की कानूनी जिम्मेदारी है। इस तरह की निगरानी से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और पारदर्शिता बनी रहेगी।
वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करते हुए प्रशासन का मानना है कि उपभोक्ताओं को पैनिक खरीदारी करने की कतई आवश्यकता नहीं है। जिले में गैस रिफिलिंग की प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही है। किसी भी प्रकार की जमाखोरी या अवैध बिक्री की सूचना मिलने पर तुरंत जिला आपूर्ति कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। पुलिस लाइन और जेल जैसे महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों को दी जाने वाली आपूर्ति की निगरानी के लिए विशेष नोडल अधिकारियों की भी तैनाती की जा रही है ताकि आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। आने वाले दिनों में प्रशासनिक टीम समय-समय पर गोदामों और वितरण केंद्रों का औचक निरीक्षण भी करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नियमों का उल्लंघन न हो।








