फिल्म,अंग भारत| बॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे का स्याह सच एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। भारत में ‘मी टू’ (Me Too) आंदोलन की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में नए कलाकारों के साथ होने वाले मानसिक और शारीरिक शोषण को लेकर बेहद सनसनीखेज खुलासे किए हैं। तनुश्री का साफ कहना है कि ग्लैमर की दुनिया में कदम रखने वाले मासूम और महत्वाकांक्षी युवाओं को काम का झांसा देकर उनका गलत इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने नए कलाकारों को सचेत करते हुए कहा है कि वे केवल बाहरी दिखावे पर न जाएं, बल्कि इस चकाचौंध के पीछे छिपे जाल को समझें और खुद को सुरक्षित रखें।
मीटू और तनुश्री का रुख
तनुश्री दत्ता वही अभिनेत्री हैं जिन्होंने साल 2018 में फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के सेट पर अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाई थी। उनके इस कदम ने पूरे देश में महिलाओं को अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ बोलने की हिम्मत दी थी। अब एक बार फिर उन्होंने इंडस्ट्री के भीतर के माहौल को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं। तनुश्री के अनुसार, इतने सालों बाद भी जमीनी स्तर पर स्थितियां बहुत ज्यादा नहीं बदली हैं। आज भी नए चेहरों को काम देने के नाम पर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। उनका यह बयान उन युवाओं के लिए आंखें खोलने वाला है जो बिना किसी गॉडफादर के इस मायानगरी में अपनी पहचान बनाने का सपना लेकर आते हैं।
“इंडस्ट्री की चमक के पीछे कई कड़वी सच्चाइयां दबी हुई हैं। यहां हर मुस्कुराता हुआ चेहरा मददगार नहीं होता। नए कलाकारों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।” – तनुश्री दत्ता
चॉकलेट और झूठी तारीफ
मनोरंजन जगत में नए कलाकारों को फंसाने के लिए बेहद शातिर तरीके अपनाए जाते हैं। तनुश्री ने खुलासा किया कि बॉलीवुड के गलियारों में ‘चॉकलेट’ शब्द का इस्तेमाल केवल एक मीठी चीज के लिए नहीं, बल्कि एक खतरनाक कोड वर्ड के रूप में किया जाता है। यह शब्द नए कलाकारों को बड़े सपनों, पैसे और शोहरत का लालच देने के लिए इस्तेमाल होता है।
जब कोई नया लड़का या लड़की इस इंडस्ट्री में कदम रखता है, तो शुरुआती दौर में उसकी जमकर झूठी तारीफ की जाती है। उसे लगातार यह महसूस कराया जाता है कि वह बहुत खास है और उसमें सुपरस्टार बनने के सारे गुण हैं। इस लगातार मिलने वाली तारीफ के चक्रव्यूह में फंसकर कलाकार सामने वाले पर आंख बंद करके भरोसा करने लगते हैं। जब यह भरोसा पूरी तरह स्थापित हो जाता है, तब शुरू होता है असली खेल। इसी भरोसे की आड़ में कलाकारों को गलत दिशा में धकेल दिया जाता है और उनका शोषण किया जाता है।
मीटिंग के नाम पर जाल
नए कलाकारों के साथ होने वाली धोखेबाजी का एक बड़ा जरिया है ‘प्रोफेशनल मीटिंग्स’। तनुश्री दत्ता ने इस पर खुलकर बात की है। उनका कहना है कि काम की बात करने के बहाने अक्सर नए चेहरों को अजीब और असुरक्षित जगहों पर बुलाया जाता है। ये मुलाकातें किसी सुरक्षित कॉर्पोरेट ऑफिस या स्टूडियो में होने के बजाय होटल के कमरों, निजी फ्लैटों या सुनसान जगहों पर तय की जाती हैं।
इन अनौपचारिक जगहों पर बुलाने का असली मकसद काम पर चर्चा करना नहीं, बल्कि कलाकारों पर मानसिक दबाव बनाना होता है। नए कलाकार अक्सर इस बात को समझ नहीं पाते और काम खोने के डर से ऐसी जगहों पर चले जाते हैं। कई बार उन्हें ऐसे बिचौलियों या संदिग्ध लोगों के पास भेज दिया जाता है जिनका फिल्म निर्माण से कोई सीधा लेना-देना नहीं होता। इससे नए कलाकार पूरी तरह भ्रमित हो जाते हैं और खुद को बेहद लाचार महसूस करने लगते हैं।
अजनबियों से सावधान रहें
इस खतरनाक दलदल से खुद को बचाने के लिए तनुश्री ने एक बहुत ही सरल और व्यावहारिक उदाहरण दिया है। उन्होंने कहा कि बचपन में जैसे हमारे माता-पिता हमें बार-बार सिखाते थे कि अजनबियों पर भरोसा मत करना और उनके हाथ से कोई चीज मत खाना, ठीक वैसी ही सीख आज मनोरंजन जगत में काम करने वाले युवाओं को अपनाने की जरूरत है।
- धैर्य रखें: रातों-रात स्टार बनने की चाहत में जल्दबाजी में कोई भी फैसला न लें।
- जगह की जांच करें: किसी भी प्रोफेशनल मीटिंग के लिए केवल सुरक्षित, सार्वजनिक और कॉर्पोरेट जगहों का ही चुनाव करें।
- दावेदारों को परखें: जो लोग तुरंत काम दिलाने का बड़ा दावा करते हैं, उनके पिछले काम और प्रोफाइल की पूरी जांच करें।
- सहज प्रवृत्ति पर भरोसा करें: अगर आपको किसी व्यक्ति की नीयत या किसी जगह को लेकर थोड़ा भी संदेह हो, तो तुरंत वहां से हट जाएं।
काम से बड़ा आत्मसम्मान
फिल्म इंडस्ट्री में बने रहने के लिए कई बार कलाकारों पर अपनी सीमाओं से समझौता करने का दबाव बनाया जाता है। लेकिन तनुश्री दत्ता का दृष्टिकोण इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट और अडिग है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके लिए उनका आत्मसम्मान और गरिमा किसी भी बड़े प्रोजेक्ट या काम से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।
तनुश्री का कहना है कि वह किसी भी कीमत पर अपने सिद्धांतों के साथ समझौता करने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने यह सारी बातें इसलिए साझा की हैं ताकि इंडस्ट्री में आने वाले नए कलाकारों को पहले से ही सचेत किया जा सके। उनका मानना है कि जब तक युवा कलाकार अपने आत्मसम्मान को सर्वोपरि रखना नहीं सीखेंगे, तब तक शोषण करने वाले लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आएंगे। इंडस्ट्री का यह कड़वा सच हर उस व्यक्ति को जानना जरूरी है जो इस ग्लैमरस दुनिया का हिस्सा बनने का सपना देख रहा है।








