भागलपुर, अंगभारत। बीते 6 मार्च को घोघा थाना क्षेत्र के दियारा इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी, जहाँ पुलिस को एक सर कटी लाश बरामद हुई थी। इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा करते हुए भागलपुर पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर के कुशल निर्देशन और पुलिस अधीक्षक, नगर भागलपुर की सीधी निगरानी में कहलगांव-01 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और डीआईयू (DIU) की संयुक्त टीम ने इस केस को सुलझाने में कामयाबी हासिल की है। अपराधियों की पहचान बजरंगी मुनी, महेंद्र मंडल और पुरुषोत्तम कुमार के रूप में की गई है, जिन्हें वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दबोचा गया है।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस की विशेष टीम ने अत्यंत तत्परता दिखाते हुए अलग-अलग ठिकानों से आरोपियों को गिरफ्तार किया। छापेमारी का विवरण इस प्रकार है:
- बजरंगी मुनी (पिता सरयुग मुनी, निवासी त्रिमुहान एकचारी, रसलपुर): इसे गोराडीह थाना क्षेत्र के भोजपुर से पकड़ा गया।
- महेंद्र मंडल (पिता स्व. सिंहेश्वर मंडल) और पुरुषोत्तम कुमार (पिता संजय मंडल): ये दोनों आमापुर, घोघा के निवासी हैं, जिन्हें उनके घर से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने घटना स्थल से साक्ष्य के तौर पर दो दबिया (धारदार हथियार), एक मोटरसाइकिल, एक मोबाइल फोन और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। सबसे महत्वपूर्ण सफलता पुरुषोत्तम कुमार की निशानदेही पर मिली, जहाँ से पुलिस ने मृतक का कटा हुआ सिर दियारा स्थित एक पोखर से बरामद किया है।
हत्या का कारण
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। मृतक की पहचान मो. नाजिर (पिता मो. सलामत, निवासी बड़ी नाकी, सनोखर) के रूप में हुई है। हत्याकांड के पीछे की वजह एक साधारण सा विवाद बताया जा रहा है:
महेंद्र मंडल का एक होटल है, जहाँ मो. नाजिर पहले काम करता था। काम को लेकर महेंद्र मंडल और नाजिर के बीच अक्सर अनबन रहती थी। विवाद इतना बढ़ा कि महेंद्र ने नाजिर को काम से निकाल दिया, जबकि नाजिर वहीं काम करना जारी रखना चाहता था।
इसी होटल में काम पर वापस रखने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और महेंद्र मंडल ने अपने बेटे और अन्य साथियों के साथ मिलकर इस क्रूर हत्या को अंजाम दिया।
अपराध का तरीका
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि अपराधियों ने बड़ी ही बेरहमी से इस कांड को अंजाम दिया था। होटल के अंदर ही मो. नाजिर की हत्या कर दी गई थी। सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने शव को मोटरसाइकिल पर लादकर दियारा इलाके के पोखर के पास ले गए। वहां शव को कई टुकड़ों में काटकर सर को पोखर में छिपा दिया गया था ताकि मृतक की पहचान न हो सके।
अगली कानूनी कार्रवाई
भागलपुर पुलिस के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वर्तमान में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। वैज्ञानिक अनुसंधान और मानवीय सूचनाओं का सटीक तालमेल इस केस के उदभेदन में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ है।
जांच टीम की सतर्कता
स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित इस विशेष टीम ने जिस तरह से तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर कड़ियों को मिलाया, वह पुलिसिंग का एक बेहतरीन उदाहरण है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित थाना को दें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।








