नई दिल्ली,अंग भारत। दिल्ली के द्वारका जिले में स्थित पालम की राम चौक मार्केट में आज सुबह करीब 7:04 बजे चार मंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने सात लोगों की जान ले ली है, जिनमें तीन मासूम बच्चियां भी शामिल हैं। यह हृदयविदारक घटना उस समय हुई जब आग ने इमारत के बेसमेंट और निचली मंजिलों पर स्थित कपड़ों और कॉस्मेटिक के शोरूम को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते इन्होंने पूरी इमारत को घेर लिया, जिससे वहां रह रहे परिवार के सदस्य बुरी तरह फंस गए।
हादसे का विवरण
जिस इमारत (डब्ल्यूजेड-124ए) में यह हादसा हुआ, उसका उपयोग व्यावसायिक और आवासीय दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था। मार्केट प्रधान राजेंद्र कश्यप की इस इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल पर कपड़े और कॉस्मेटिक का शोरूम संचालित होता था। दूसरी और तीसरी मंजिल पर परिवार रहता था। आग लगने के बाद इमारत से बाहर निकलने का रास्ता धुएं और लपटों के कारण पूरी तरह ब्लॉक हो गया था। जान बचाने के लिए घबराए हुए दो लोगों ने ऊंची इमारत से छलांग तक लगा दी, जिन्हें बाद में गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
राहत और बचाव
सूचना मिलने के तुरंत बाद पालम विलेज थाने के एसएचओ अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग की 20 गाड़ियां और 11 एंबुलेंस तैनात की गईं। बचाव कार्य इतना चुनौतीपूर्ण था कि दमकलकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। राहत कार्य के दौरान अब तक 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिली है। फिलहाल, घटना की गहन जांच के लिए एफएसएल (FSL) टीम मौके पर मौजूद है और आग के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
मृतकों की पहचान
इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले लोगों का विवरण निम्नलिखित है:
- मणिपाल अस्पताल में: प्रवेश (35), कमल (40), आशु (32) और तीन बच्चियां (12, 6 और 5 वर्ष) को मृत घोषित किया गया।
- आईजीआई अस्पताल में: एक महिला को मृत अवस्था में लाया गया।
घायलों की स्थिति
हादसे में कई लोग घायल हुए हैं जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है:
| अस्पताल | घायल | स्थिति |
|---|---|---|
| आईजीआई अस्पताल | एक पुरुष और दो वर्षीय बच्ची | इलाज चल रहा है |
| सफदरजंग अस्पताल | 19 वर्षीय युवक | 25 प्रतिशत झुलसा हुआ |
सुरक्षा पर सवाल
इस प्रकार की घटनाएं घनी आबादी वाले इलाकों में अग्निशमन सुरक्षा नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। व्यावसायिक शोरूमों और रिहायशी परिसरों का एक ही इमारत में होना और उनमें पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होना अक्सर जानलेवा साबित होता है। मौके पर वर्तमान में पुलिस, दमकल विभाग, बीएसईएस, एयरफोर्स और एनडीआरएफ की टीमें संयुक्त रूप से स्थिति को नियंत्रित करने और जांच करने में जुटी हैं।
जांच की प्रक्रिया
फिलहाल पूरा इलाका सील कर दिया गया है। एफएसएल टीम आग के शुरूआती बिंदुओं का विश्लेषण कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या कोई अन्य लापरवाही इसका कारण बनी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। इस त्रासदी ने पूरे इलाके को शोक में डाल दिया है और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग जोर पकड़ रही है।








