सियोल,अंग भारत। दक्षिण कोरिया के मध्य शहर डेजॉन स्थित कार के पुर्जों के एक कारखाने में शुक्रवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग के कारण कम से कम 50 लोग बुरी तरह झुलस गए हैं। घायलों में 35 लोगों की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। यह हादसा दोपहर करीब 1:17 बजे हुआ, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल दमकल विभाग की टीमें राहत और बचाव कार्य में युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं ताकि हताहतों की संख्या को और बढ़ने से रोका जा सके।
हादसे का विवरण
आग डेजॉन के मुनप्योंग-डोंग औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कार के पुर्जों के कारखाने में लगी। दोपहर के समय जब आग ने विकराल रूप धारण किया, तो कारखाने के भीतर काम कर रहे कर्मचारी फंस गए। द कोरिया टाइम्स और द कोरिया हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय अग्निशमन एजेंसी ने इसे ‘देशव्यापी अग्निशमन अभियान’ घोषित कर दिया है। यह कदम तब उठाया जाता है जब किसी आपदा का दायरा स्थानीय संसाधनों की क्षमता से बाहर हो जाता है।
तत्काल राहत कार्रवाई
प्रधानमंत्री किम मिन-सियोक के कार्यालय (पीएमओ) ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए गृह मंत्रालय और अग्निशमन एजेंसी को तुरंत सक्रिय होने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट आदेश दिया है कि बचाव कार्य के लिए देश में उपलब्ध सभी संसाधनों और मैनपावर का पूरा इस्तेमाल किया जाए।
- आग पर काबू पाने के लिए कुल 46 दमकल वाहनों को तैनात किया गया है।
- मौके पर 115 प्रशिक्षित दमकलकर्मी लगातार राहत कार्य कर रहे हैं।
- आस-पास के शहरों से अतिरिक्त दमकल गाड़ियां और कर्मियों को मदद के लिए बुलाया गया है।
प्रशासनिक इंतजाम
पीएमओ ने डेजॉन मेट्रोपॉलिटन सरकार और स्थानीय पुलिस को यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी है। पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि अस्पताल तक घायलों को ले जाने वाली एम्बुलेंस को किसी भी तरह की देरी न हो। क्षेत्र को खाली कराया जा रहा है ताकि आग के फैलाव से अन्य औद्योगिक इकाइयों को नुकसान न पहुंचे। अभी तक आग के मूल कारणों का पता नहीं चल पाया है, जिसके लिए एक जांच समिति के गठन की संभावना जताई जा रही है।
कारखाना सुरक्षा मानक
दक्षिण कोरिया के औद्योगिक केंद्रों में कार के पुर्जों के कारखानों में अक्सर रसायनों, लुब्रिकेंट्स और बिजली के भारी उपकरणों का उपयोग होता है। ऐसे में आग लगने की घटना अत्यधिक खतरनाक साबित होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हादसों के बाद सुरक्षा ऑडिट की प्रक्रिया को और सख्त किया जाना चाहिए।
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कुल घायल | 50 |
| गंभीर रूप से घायल | 35 |
| तैनात दमकल वाहन | 46 |
| दमकलकर्मी | 115 |
जांच का दायरा
डेजॉन फायर मुख्यालय के अधिकारी इस बात का आकलन कर रहे हैं कि आग किन परिस्थितियों में भड़की। चूंकि कारखाने में ज्वलनशील सामग्री मौजूद होती है, इसलिए शुरुआती अटकलें शॉर्ट सर्किट या मशीनों के ओवरहीटिंग की ओर इशारा कर रही हैं। हालांकि, जब तक फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक सटीक कारण कहना जल्दबाजी होगी। प्रशासन का पहला लक्ष्य घायलों को बचाना है, उसके बाद ही घटना के दोषियों या लापरवाही के बिंदुओं की जांच शुरू की जाएगी।
स्थानीय निवासी और परिवार के लोग फिलहाल अस्पतालों के बाहर अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री किम मिन-सियोक का कार्यालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और घायलों के उपचार के लिए विशेष मेडिकल टीम की निगरानी का भरोसा दिया गया है।








