नई दिल्ली,अंग भारत। भारतीय अंडर-20 महिला फुटबॉल टीम एएफसी अंडर-20 महिला एशियाई कप में भाग लेने के लिए शुक्रवार सुबह थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक पहुंच गई है। यह उपलब्धि भारतीय फुटबॉल के इतिहास में बेहद खास है, क्योंकि 20 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया है। थाईलैंड की जलवायु और परिस्थितियों के साथ तालमेल बिठाने के लिए खिलाड़ियों को टूर्नामेंट शुरू होने से पहले 13 दिन का बहुमूल्य समय मिलेगा। मुख्य कोच जोआकिम एलेक्जेंडर्सन के कुशल मार्गदर्शन में यह टीम अब अपने अगले पड़ाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
तैयारी और अभ्यास
भारतीय टीम की तैयारी का सफर काफी विस्तृत रहा है। जनवरी में बेंगलुरु में आयोजित प्रशिक्षण शिविर के साथ ही खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत शुरू कर दी थी। अंतरराष्ट्रीय महिला लीग के समापन के बाद, टीम को और अधिक मजबूत बनाने के लिए स्वीडन भेजा गया। स्वीडन में बिताए एक महीने के दौरान, टीम ने वहां के वरिष्ठ स्वीडिश क्लबों के साथ पांच कड़े मैत्रीपूर्ण मैच खेले, जिससे खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय फुटबॉल का अनुभव मिला। स्कैंडिनेवियाई दौरों के बाद, कोलकाता में चले अंतिम प्रशिक्षण शिविर ने टीम के तालमेल को और निखारा है।
टूर्नामेंट का कार्यक्रम
ऑल इंडिया फुटबॉल फ़ेडरेशन (AIFF) के अनुसार, भारतीय टीम के लिए यह टूर्नामेंट चुनौतीपूर्ण लेकिन रोमांचक होने वाला है। खिलाड़ियों को अपनी योग्यता साबित करने के लिए तीन कड़े मुकाबले खेलने होंगे:
- जापान: 2 अप्रैल, 2024
- ऑस्ट्रेलिया: 5 अप्रैल, 2024
- चीनी ताइपे: 8 अप्रैल, 2024
आगे का रास्ता
इस टूर्नामेंट का प्रारूप काफी प्रतिस्पर्धात्मक है। ग्रुप मैचों के बाद, प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो टीमें और तीसरे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ दो टीमें क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाएंगी। सबसे अहम बात यह है कि इस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली चार विजेता टीमें सीधे फीफा अंडर-20 महिला विश्व कप पोलैंड 2026 के लिए क्वालीफाई कर जाएंगी। कोच जोआकिम एलेक्जेंडर्सन टूर्नामेंट शुरू होने के ठीक पहले 23 खिलाड़ियों की अंतिम सूची की घोषणा करेंगे।
भारतीय टीम का चयन
चयनकर्ताओं ने 24 सदस्यीय टीम में संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है। निम्नलिखित खिलाड़ी थाईलैंड गई टीम का हिस्सा हैं:
गोलकीपर
- मोनालिसा देवी मोइरांगथेम
- नंदिनी
- रिबांसी जामू
डिफेंडर
- अलका इंदवार, सिडी रेमरूअटपुई कोलनी, निशिमा कुमारी
- रेमी थोकचोम, रुचि यादव, साहेना टीएच
- शुभांगी सिह, थोइबिसाना चानू तोइजाम
मिडफील्डर
- अंजू चानू कायेनपाइबम, अरीना देवी नामिराकपम
- भूमिका देवी खुमुकचम, मोनिशा सिघा, नेहा
- पूजा, श्रुति कुमारी
फॉरवर्ड
- बबीता कुमारी, दीपिका पाल, ल्हिंगदेइकिम
- शिलजी शाजी, सिबानी देवी नोंगमेइकापम, सुलंजना राउल
भविष्य की उम्मीदें
पिछले दो दशकों का सूखा खत्म कर एशिया के मंच पर वापसी करना भारतीय महिला फुटबॉल के लिए एक बड़ा कदम है। इन युवा खिलाड़ियों के कंधों पर पूरे देश की उम्मीदें हैं। मुख्य कोच जोआकिम एलेक्जेंडर्सन की रणनीति और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास अगर सही दिशा में रहा, तो भारतीय टीम निश्चित रूप से इस टूर्नामेंट में बड़ा उलटफेर करने का दम रखती है। बैंकॉक की धरती पर होने वाले ये मैच न केवल एशियाई कप का भाग्य तय करेंगे, बल्कि 2026 के विश्व कप के लिए भारत की राह को भी स्पष्ट करेंगे।








