तेहरान/वाशिंगटन,अंग भारत। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। पिछले 38 दिनों से जारी संघर्ष के बीच ईरान ने स्वीकार किया है कि उसके परमाणु ईंधन चक्रण केंद्र पर अमेरिका-इजराइल की ओर से हमला किया गया है। इस घटनाक्रम ने पूरे पश्चिम एशिया में भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।
परमाणु केंद्र पर हमले से बढ़ी चिंता
ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन ने मध्य ईरान के यज्द प्रांत के अर्दाकान स्थित येलोकेक उत्पादन सुविधा पर हमले की पुष्टि की है। इस केंद्र को शाहिद रजाई नेजाद सुविधा भी कहा जाता है और यह देश के परमाणु कार्यक्रम का अहम हिस्सा है। यहां यूरेनियम अयस्क को येलोकेक में परिवर्तित किया जाता है, जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता करीब 60 टन बताई जाती है।
ईरान ने हमले को बताया अंतरराष्ट्रीय उल्लंघन
ईरान ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे शांतिपूर्ण परमाणु ठिकानों की सुरक्षा का उल्लंघन बताया है। संगठन का कहना है कि यह हमला उसकी परमाणु ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करने की कोशिश है। हालांकि हमले से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
Read more………ईरान बोला- नहीं खुलेगा होर्मुज, US धमकी पर कड़ा जवाब
अमेरिका की होर्मुज को लेकर सख्त चेतावनी
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाएगा। व्हाइट हाउस ने भी बयान जारी कर कहा कि अगर ईरान बातचीत में गंभीरता नहीं दिखाता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इजराइल के ताबड़तोड़ हमले जारी
इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने मंगलवार तड़के तेहरान समेत कई शहरों में बड़े पैमाने पर हमले किए। इन हमलों में मिसाइल साइट, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकाने और पेट्रोकेमिकल संयंत्रों को निशाना बनाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेहरान और करज में जोरदार धमाके सुने गए, जबकि मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास भी विस्फोट की खबर है।
ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई के दिए संकेत
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी हमले का जवाब देगा। उसने चेतावनी दी है कि अगर उसके बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, तो इसका असर पूरे क्षेत्र से बाहर तक जा सकता है। ईरानी नेतृत्व ने कहा है कि देश किसी दबाव में झुकने वाला नहीं है।
देश में बढ़ी घबराहट, युवाओं से अपील
अमेरिकी धमकियों के बीच ईरान में डर का माहौल देखा जा रहा है। देश के युवा एवं खेल मामलों के उपमंत्री अलीरेजा रहीमी ने युवाओं से बिजली संयंत्रों के आसपास मानव श्रृंखला बनाने का आह्वान किया है, ताकि संभावित हमलों के खिलाफ एकजुटता दिखाई जा सके।
संघर्षविराम प्रस्ताव भी ठुकराया
इस बीच कई देशों द्वारा दिए गए 45 दिन के संघर्षविराम प्रस्ताव को ईरान ने खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि वह अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहता है।मौजूदा हालात को देखते हुए यह स्पष्ट है कि पश्चिम एशिया में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह तनाव कम होगा या और बढ़ेगा।









