नई दिल्ली,अंग भारत। भारतीय अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम आगामी एएफसी अंडर-17 महिला एशियन कप 2026 की अपनी तैयारियों को धार देने के लिए रूस के दौरे पर पहुंच चुकी है, जहां टीम मेजबान रूस के खिलाफ तीन बड़े मैत्री मैच खेलेगी। यह अंतरराष्ट्रीय दौरा भारतीय खिलाड़ियों के लिए न केवल अपनी रणनीति को परखने का एक मंच है, बल्कि बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम के तालमेल को बेहतर बनाने का एक बेहतरीन मौका भी है। 11, 14 और 17 अप्रैल को सोची के मात्सेस्टा फुटबॉल सेंटर में होने वाले ये मुकाबले भारतीय फुटबॉल के भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं।
सोची में टीम की तैयारी
मुख्य कोच पामेला कोंटी की देखरेख में 23 सदस्यीय भारतीय टीम 6 अप्रैल की रात को ही सोची पहुंच गई थी। रूस की ठंडी जलवायु और वहां की परिस्थितियों के अनुकूल ढलने के लिए खिलाड़ियों ने तुरंत अभ्यास सत्र में हिस्सा लेना शुरू कर दिया है। कोच पामेला का मुख्य ध्यान खिलाड़ियों की शारीरिक फिटनेस और मैच के दौरान गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने पर है। भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे शुरू होने वाले इन मैचों के लिए पूरा कोचिंग स्टाफ रणनीति को अंतिम रूप देने में व्यस्त है।
एशियन कप का लक्ष्य
एएफसी अंडर-17 महिला एशियन कप 2026 चीन के सूझोउ में आयोजित होने वाला है, जो भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इस टूर्नामेंट में भारत को ग्रुप बी में दुनिया की दिग्गज टीमों के साथ रखा गया है। भारत के रास्ते की बड़ी बाधाएं निम्नलिखित हैं:
- जापान: महिला फुटबॉल में एशिया की सबसे मजबूत ताकत।
- ऑस्ट्रेलिया: शारीरिक रूप से बेहद आक्रामक और तकनीकी रूप से सक्षम टीम।
- लेबनान: अपनी रक्षात्मक रणनीति के लिए जानी जाने वाली टीम।
रूस के खिलाफ ये तीन मैत्री मैच भारत को यह समझने में मदद करेंगे कि इतने बड़े टूर्नामेंट से पहले उनकी कमजोरी कहां है और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।
म्यांमार जीत से आत्मविश्वास
रूस दौरे से पहले, भारतीय टीम ने यांगून, म्यांमार में बेहतरीन प्रदर्शन करके अपने इरादे साफ कर दिए थे। म्यांमार के खिलाफ पहले मैच में 2-0 की जीत और दूसरे मुकाबले में 3-2 की रोमांचक जीत ने खिलाड़ियों का मनोबल काफी बढ़ा दिया है। इस जीत के बाद बेंगलुरु में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में कोच ने खिलाड़ियों की फिटनेस पर काम किया। म्यांमार की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जीत दर्ज करना यह साबित करता है कि भारतीय लड़कियां अब विदेशी धरती पर दबाव झेलने के लिए तैयार हैं।
चयनित 23 सदस्यीय दल
कोच पामेला कोंटी ने एक संतुलित टीम चुनी है, जिसमें युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मेल है। टीम में मुन्नी, सूरजमुनी कुमारी, एलेना देवी, अलीशा लिंगदोह, अभिस्ता बसनेट, प्रीतिका बर्मन, अनुश्का कुमारी और पर्ल फर्नांडिस जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों का चयन उनके पिछले प्रदर्शन और मैदान पर खेल की समझ के आधार पर किया गया है।
कोचिंग स्टाफ की भूमिका
टीम के पीछे एक अनुभवी सपोर्ट स्टाफ काम कर रहा है, जो खिलाड़ियों को हर मोर्चे पर तैयार कर रहा है। स्टाफ में शामिल हैं:
| नाम | पद |
|---|---|
| पामेला कोंटी | मुख्य कोच |
| विन्सेन्जो कोंटी | सहायक कोच |
| मारियो अगियार | गोलकीपिंग कोच |
| अमित यादव | स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच |
मैचों का पूरा कार्यक्रम
रूस के खिलाफ होने वाली इस तीन मैचों की सीरीज का कार्यक्रम इस प्रकार है:
- पहला मैच: 11 अप्रैल, दोपहर 2:30 बजे
- दूसरा मैच: 14 अप्रैल, दोपहर 2:30 बजे
- तीसरा मैच: 17 अप्रैल, दोपहर 2:30 बजे
ये सभी मुकाबले मात्सेस्टा फुटबॉल सेंटर में आयोजित किए जाएंगे। प्रशंसकों को उम्मीद है कि भारतीय टीम रूस जैसी मजबूत टीम के खिलाफ कड़ा मुकाबला पेश करेगी। अंतरराष्ट्रीय अनुभव के मामले में यह दौरा युवा टाइग्रेसेस के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यदि भारतीय टीम इन मैचों में अपना दबदबा बनाए रखती है, तो एशियाई स्तर पर उनके प्रदर्शन में निश्चित रूप से निखार देखने को मिलेगा।








