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2.5 करोड़ वोटर तय करेंगे 722 उम्मीदवारों की किस्मत

गुवाहाटी,अंग भारत। असम विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही राज्य की सभी 126 सीटों पर ढाई करोड़ से अधिक मतदाता 722 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करने के लिए मतदान कर रहे हैं। गुरुवार सुबह सात बजे से शुरू हुई यह मतदान प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा के साए में संपन्न हो रही है, जहां निर्वाचन आयोग ने हर बूथ पर निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर अभूतपूर्व इंतज़ाम किए हैं। इस चुनावी महासंग्राम का नतीजा 4 मई को घोषित होगा, जो असम की अगली सरकार की तस्वीर साफ कर देगा।

मतदान केंद्रों की सुरक्षा

लोकतंत्र के इस महापर्व को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने पूरे राज्य में 31,486 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। हर एक केंद्र पर सुरक्षा का घेरा इतना मजबूत है कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है। पुलिस बल के अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को भी तैनात किया गया है।

  • सभी मतदान केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वेबकास्टिंग अनिवार्य की गई है।
  • चुनाव संचालन के लिए कुल 1,51,132 मतदान कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
  • संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा दस्ते और गश्त की व्यवस्था की गई है।

उम्मीदवारों का चुनावी गणित

इस बार के चुनावी मैदान में कुल 722 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। नामांकन प्रक्रिया का सफर काफी लंबा रहा। शुरुआती चरण में 815 उम्मीदवारों ने 1,389 पर्चे भरे थे, लेकिन जांच के बाद यह आंकड़ा 789 पर सिमट गया। अंततः 67 उम्मीदवारों ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली।

उम्मीदवार श्रेणी संख्या
पुरुष उम्मीदवार 663
महिला उम्मीदवार 59
कुल उम्मीदवार 722

मतदाताओं का व्यापक आधार

असम के कुल 2,50,54,463 मतदाताओं में विविधता साफ झलकती है। जेंडर के आधार पर देखा जाए तो 1,25,31,552 पुरुष और 1,25,22,593 महिला मतदाता शामिल हैं। इनके अलावा 318 थर्ड जेंडर वोटर और 63,423 सर्विस वोटर भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। युवा शक्ति की बात करें तो 18-19 आयु वर्ग के 6,42,314 नए मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो आने वाली सरकार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। वरिष्ठ नागरिकों (80+ आयु) और दिव्यांग मतदाताओं की भी बड़ी भागीदारी है, जिनकी संख्या क्रमश: 2,50,006 और 2,05,085 है।

क्षेत्रीय स्तर पर मुकाबला

राज्य की भौगोलिक और जनसांख्यिकीय स्थिति के कारण सीटों पर मुकाबले का स्वरूप भी अलग-अलग है।

सबसे बड़ी और छोटी सीटें

आंकड़ों के अनुसार, दलगांव विधानसभा क्षेत्र सबसे बड़ा है, जहाँ मतदाताओं की कुल संख्या 3,17,110 है। इसके विपरीत, आमरी विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 1,00,494 मतदाता हैं।

रोचक चुनावी टक्कर

आल्गापुर, काटलीचेरा और दक्षिण करीमगंज जैसी सीटों पर 15-15 उम्मीदवार मैदान में डटे हैं, जिससे यहां मुकाबला बेहद कड़ा होने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर, 9 ऐसी विधानसभा सीटें हैं जहां सीधा मुकाबला सिर्फ दो उम्मीदवारों के बीच है।

पिछला रुझान और भविष्य

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या 2021 के नतीजों का इतिहास दोहराया जाएगा। पिछले चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने 75 सीटों पर अपना परचम लहराया था, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को 46 सीटों से संतोष करना पड़ा था। चूंकि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को खत्म हो रहा है, इसलिए 4 मई को आने वाले परिणाम राज्य की राजनीति के लिए काफी निर्णायक होंगे। मतदान की शांतिपूर्ण प्रक्रिया यह साबित करती है कि असम का नागरिक अपने मताधिकार के प्रति बेहद जागरूक है और अपनी भागीदारी से विकास की नई पटकथा लिखने को तैयार है।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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