आसनसोल,अंग भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित जनसभा के मद्देनजर आसनसोल पूरी तरह से हाई अलर्ट पर है और प्रशासन ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार कर लिया है। बुधवार को हेलीकॉप्टर लैंडिंग के सफल ट्रायल के साथ ही अब तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी अनहोनी को टालने के लिए पूरे शहर को सुरक्षा कवच में लपेट दिया है। यह दौरा न केवल राजनीतिक दृष्टि से बल्कि स्थानीय सुरक्षा प्रबंधों की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है।
हेलीपैड का सफल ट्रायल
प्रधानमंत्री के आगमन की प्रक्रिया में सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा उनकी सुरक्षित लैंडिंग थी। शुरुआत में पोलो ग्राउंड स्थित सीसी मैदान को इसके लिए चुना गया था, लेकिन तकनीकी बाधाओं के कारण वहां लैंडिंग जोखिम भरी हो सकती थी। अधिकारियों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए लोको ग्राउंड को वैकल्पिक हेलीपैड के रूप में तैयार किया। शाम के समय वहां हेलीकॉप्टर का सफल ट्रायल किया गया, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है। इस बदलाव ने सुरक्षा मानकों के प्रति प्रशासन की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है।
कड़ी सुरक्षा मॉक ड्रिल
किसी भी वीआईपी मूवमेंट में सुरक्षा प्रोटोकॉल सर्वोपरि होते हैं। पीएम के दौरे के लिए आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट और स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने मिलकर व्यापक मॉक ड्रिल की है। इस ड्रिल के दौरान कई पहलुओं को बारीकी से परखा गया:
- हेलीपैड से लेकर सभा स्थल तक के रूट की मैपिंग।
- काफिले के दौरान आने वाले संभावित अवरोधों को हटाना।
- संवेदनशील मोड़ों पर सुरक्षा बलों की तैनाती का पुनरावलोकन।
- इमरजेंसी रिस्पॉन्स टाइम की जांच।
पुलिस का सख्त पहरा
एसपीजी ने कमान संभालते ही सभा स्थल, यानी आसनसोल स्टेडियम को एक हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया है। पोलो ग्राउंड से कोर्ट रोड तक का इलाका अब सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में है। पुलिस बल और सीआरपीएफ के जवानों को प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है ताकि शहर के अंदर किसी भी तरह की संदिग्ध आवाजाही पर तुरंत लगाम लगाई जा सके। वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से पूरे सुरक्षा चक्र की समीक्षा की है।
भीड़ और व्यवस्था प्रबंधन
जनसभा में जुटने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए बैरिकेडिंग के खास इंतजाम किए गए हैं:
| व्यवस्था का प्रकार | उपयोगिता |
|---|---|
| लोको ग्राउंड रूट बैरिकेडिंग | पीएम का काफिला सुरक्षित रखने के लिए |
| तीन विशाल हैंगर | लोगों के बैठने और आराम के लिए |
| सीआरपीएफ तैनाती | भीड़ को व्यवस्थित करने और सुरक्षा के लिए |
इन बैरिकेड्स का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए जनता उत्साहित रहे, लेकिन सुरक्षा घेरे में कोई सेंध न लगे। हर आने-जाने वाले पर नजर रखने के लिए प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर्स और तलाशी का काम शुरू कर दिया गया है।
छावनी में बदला शहर
आज की स्थिति में पूरा आसनसोल इलाका एक छावनी की तरह नजर आ रहा है। प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि संदिग्ध गतिविधियों पर बिना देरी के कार्रवाई की जाए। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल मिलकर काम कर रहे हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अब तक की सभी तैयारियां प्रोटोकॉल के अनुसार पूरी हो चुकी हैं। अब बस प्रधानमंत्री के आगमन का इंतजार है, जिसके लिए प्रशासन ने पूरी कमर कस ली है।
आसनसोल के नागरिकों के बीच भी इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह है। सुरक्षा की इतनी बड़ी व्यवस्था के बावजूद, लोग पीएम के संबोधन को सुनने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन ने अपील की है कि सभी लोग निर्धारित नियमों का पालन करें और सुरक्षा जांच में सहयोग दें ताकि यह कार्यक्रम ऐतिहासिक और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।








