भुवनेश्वर, अंग भारत। ओडिशा में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों में समय से पहले ग्रीष्मावकाश (Summer Vacation) की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए 27 अप्रैल से राज्य के सभी सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। पारा जिस तेजी से ऊपर चढ़ रहा है, उसे देखते हुए प्रशासन का यह कदम बच्चों को हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचाने के लिए उठाया गया है।
बढ़ती गर्मी और खतरा
ओडिशा के कई हिस्सों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। दोपहर के समय चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बच्चों का इम्यून सिस्टम बड़ों की तुलना में अधिक संवेदनशील होता है, जिससे उनके लिए लू का सीधा असर शरीर पर पड़ने का खतरा कहीं ज्यादा बढ़ जाता है। सरकार के पास लगातार शिकायतें आ रही थीं कि तेज गर्मी के बीच छोटे बच्चों का स्कूल आना-जाना मुश्किल हो रहा है।
सरकार का सुरक्षा निर्णय
मुख्यमंत्री ने स्कूल एवं जनशिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के लिहाज से यह कदम अनिवार्य था। लू के थपेड़ों और दोपहर में बढ़ती गर्मी के कारण स्कूलों का संचालन करना जोखिम भरा हो गया था। इस निर्णय से लाखों छात्रों को राहत मिली है, जो अब घर की सुरक्षित छाया में रह सकेंगे।
परीक्षाओं पर निर्देश
हालांकि स्कूल बंद रहेंगे, लेकिन कुछ जरूरी काम नहीं रुकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
- पहले से निर्धारित परीक्षाएं अपने तय समय पर ही आयोजित होंगी।
- स्कूलों में चल रहे प्रशासनिक कार्य जारी रहेंगे।
- जनगणना से जुड़े काम और अन्य आधिकारिक गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी।
- जिन स्कूलों में परीक्षाएं होनी हैं, वहां बच्चों के लिए पानी और कूलिंग की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभिभावकों की प्रतिक्रिया
इस फैसले का अभिभावकों और शिक्षकों ने खुले दिल से स्वागत किया है। माता-पिता लंबे समय से मांग कर रहे थे कि गर्मी को देखते हुए स्कूलों को बंद किया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह के समय भी तापमान में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है, ऐसे में बच्चों को घर में रखना ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प था। अभिभावकों ने कहा है कि सरकार के इस फैसले ने उनकी सबसे बड़ी चिंता को खत्म कर दिया है।
लू से बचाव के उपाय
मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में गर्मी का प्रकोप और अधिक बढ़ सकता है। केवल स्कूल बंद करना ही काफी नहीं है, आम लोगों को भी अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
“धूप में बाहर निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढककर रखें। पानी का सेवन सामान्य दिनों से कहीं अधिक करें, भले ही आपको प्यास न लगी हो। ओआरएस (ORS) या नींबू पानी का इस्तेमाल करते रहें।”
क्या करें, क्या नहीं
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
- सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें।
- बच्चों और बुजुर्गों को सीधी धूप के संपर्क में न आने दें।
- अगर चक्कर आना या सिरदर्द महसूस हो, तो तुरंत ठंडी जगह पर जाएं और मेडिकल मदद लें।
प्रशासनिक सतर्कता
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे लू की स्थिति को हल्के में न लें। यदि किसी को लू लगने के लक्षण महसूस होते हैं, तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। राज्य सरकार की तरफ से तापमान की निरंतर निगरानी की जा रही है, और यदि आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होती है, तो भविष्य में और भी एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं। इस समय धैर्य और सावधानी ही एकमात्र बचाव है।








