पटना,अंग भारत। बिहार की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्यसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात को राज्य के बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच काफी अहम माना जा रहा है।
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20 मिनट की मुलाकात, कई सवाल खड़े
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में नीतीश कुमार से मुलाकात की, जो करीब 20 मिनट तक चली। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री और मुंगेर से सांसद ललन सिंह भी मौजूद थे। हालांकि, इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कैबिनेट विस्तार को लेकर अटकलें तेज
राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि संभावित कैबिनेट विस्तार, सत्ता संतुलन और आगामी रणनीति को लेकर बातचीत हुई हो सकती है। बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को देखते हुए यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फ्लोर टेस्ट के बाद बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने विधानसभा में बहुमत साबित किया था। फ्लोर टेस्ट से पहले सदन में चर्चा के दौरान सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार की जमकर सराहना की थी, जिससे दोनों नेताओं के रिश्तों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई।
सम्राट चौधरी ने की थी खुलकर तारीफ
विधानसभा में बोलते हुए सम्राट चौधरी ने कहा था कि नीतीश कुमार को न तो कुर्सी से हटाया जा सकता है और न ही लोगों के दिल से। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में सुशासन की मजबूत नींव रखी है और उनके मार्गदर्शन में राज्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
आगे क्या होंगे सियासी समीकरण?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि इसके पीछे बड़े राजनीतिक संकेत छिपे हो सकते हैं। बिहार में नेतृत्व और सत्ता संतुलन को लेकर लगातार चर्चाएं जारी हैं और आने वाले दिनों में कैबिनेट विस्तार या अन्य बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।फिलहाल इस मुलाकात ने बिहार की राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है और अब सभी की नजरें आगे होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।









