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खेड़ा को झटका: हाईकोर्ट से राहत नहीं, कांग्रेस जाएगी SC

नई दिल्ली, अंग भारत। गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा है कि पूरी पार्टी पवन खेड़ा के साथ खड़ी है और अब इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

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कांग्रेस का समर्थन, सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी

कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी इस मामले में पवन खेड़ा के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा जताया कि न्याय की जीत होगी और डराने-धमकाने की राजनीति ज्यादा दिन नहीं चल सकती। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत

गौरतलब है कि गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद 21 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे 24 अप्रैल को सुनाया गया। इस फैसले के बाद खेड़ा को बड़ा कानूनी झटका लगा है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक केस से जुड़ा है। दरअसल, पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रिनिकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेशों में संपत्ति होने के आरोप लगाए थे। इसके बाद उनके खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया।

पुलिस कार्रवाई और कोर्ट में सुनवाई

मामला दर्ज होने के बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के आवास पर छापेमारी की थी। इसके बाद खेड़ा ने कानूनी राहत के लिए विभिन्न अदालतों का रुख किया। 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी।

आगे की कानूनी लड़ाई पर नजर

अब गुवाहाटी हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। आने वाले दिनों में इस मामले की सुनवाई देश की सर्वोच्च अदालत में हो सकती है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा तेज कर दी है। एक ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक उत्पीड़न बता रही है, तो दूसरी ओर मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में प्रवेश कर चुका है।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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