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खूंटी बाइपास-फोरलेन निर्माण को लेकर दिल्ली में पैरवी, भाजपा जिलाध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री से की भेंट

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से दिल्ली में मुलाकात करते भाजपा नेता, जिसमें खूंटी बाइपास और तुपुदाना-कुंदीबारटोली फोरलेन सड़क परियोजना के भूमि अधिग्रहण पर चर्चा हुई।

खूंटी,अंग भारत। झारखंड के खूंटी जिले को भारी ट्रैफिक और जाम की गंभीर समस्या से स्थाई राहत दिलाने के लिए भाजपा नेताओं ने दिल्ली में कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा के जिलाध्यक्ष आनंद कुमार और वार्ड पार्षद अनूप साहू ने देश के केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से दिल्ली में मुलाकात कर एक महत्वपूर्ण मांग पत्र सौंपा। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य तुपुदाना से कुंदीबारटोली तक बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-20 (पुराना एनएच-75ई) के फोरलेन निर्माण और लंबे समय से लटके खूंटी बाइपास प्रोजेक्ट के काम में तेजी लाना है। करीब 1907.31 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार से मंजूर होने के बाद भी केवल जमीन अधिग्रहण की सुस्त रफ्तार की वजह से धरातल पर नहीं उतर पा रहा है।

क्यों अटका है प्रोजेक्ट?

केंद्र सरकार ने इस बड़ी सड़क परियोजना को हरी झंडी देने में कोई देरी नहीं की थी। भारत सरकार की ओर से 22 अगस्त 2024 को ही इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी भूमि अधिग्रहण की राजपत्र (गजट) अधिसूचना जारी कर दी गई थी। नियम के अनुसार, इसके तुरंत बाद राज्य सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन को मिलकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करनी थी और जमीन एनएचएआई को सौंपनी थी। लेकिन जमीनी स्तर पर प्रशासनिक सुस्ती के कारण यह काम आगे नहीं बढ़ सका। फाइलें सरकारी दफ्तरों में अटकी रहीं, जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू होने का समय लगातार आगे खिसकता जा रहा है।

जमीन का पूरा गणित

इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए एक बड़े भूभाग की जरूरत है, जिसमें निजी रैयतों की जमीन के साथ-साथ वन विभाग की जमीन भी शामिल है। इस भूमि अधिग्रहण का पूरा ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

जमीन का प्रकार आवश्यक क्षेत्रफल प्रोजेक्ट की कुल लंबाई कुल स्वीकृत बजट
निजी भूमि (रैयती) 156.6 हेक्टेयर 31.31 किलोमीटर 1907.31 करोड़ रुपये
वन भूमि (फॉरेस्ट लैंड) 15 हेक्टेयर 31.31 किलोमीटर 1907.31 करोड़ रुपये

बाइपास क्यों है जरूरी?

खूंटी शहर के भीतर से गुजरने वाला ट्रैफिक अब आम जनता के लिए सिरदर्द बन चुका है। चौबीसों घंटे भारी वाहनों के शहर के बीच से गुजरने के कारण हर दिन लंबा जाम लगता है। इससे न केवल स्थानीय कारोबारियों का नुकसान हो रहा है, बल्कि स्कूली बच्चों और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी घंटों फंसे रहना पड़ता है। तुपुदाना से कुंदीबारटोली तक की यह फोरलेन सड़क और खूंटी बाइपास इस समस्या का एकमात्र परमानेंट इलाज है। जैसे ही यह बाइपास बनेगा, वैसे ही भारी वाहन शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को जाम और वायु प्रदूषण से बड़ी राहत मिलेगी।

व्यापार को मिलेगी रफ्तार

खूंटी केवल एक जिला नहीं है, बल्कि यह रांची को पड़ोसी राज्य ओड़िशा और झारखंड के अन्य औद्योगिक जिलों से जोड़ने वाला एक मुख्य मार्ग है। इस हाईवे के फोरलेन हो जाने से मालवाहक वाहनों की आवाजाही सुगम होगी, जिससे ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में कमी आएगी। समय की बचत होने से स्थानीय व्यापारियों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ मिलेगा और क्षेत्र का औद्योगिक विकास भी तेजी से होगा।

पुराना इतिहास और बजट

इस बड़ी सड़क परियोजना की नींव काफी समय पहले रखी गई थी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस खूंटी बाइपास सड़क का शिलान्यास किया था। इस दौरान खूंटी और आसपास के इलाकों के लिए लगभग 2500 करोड़ रुपये की दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ था। इसी के तहत तुपुदाना से कुंदीबारटोली तक 31.31 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क परियोजना को 15 मार्च 2024 को 1907.31 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि के साथ अंतिम प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। बजट की कोई कमी नहीं है, बस स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।

“खूंटी की जनता लंबे समय से इस बाईपास की राह देख रही है। केंद्र सरकार ने बजट दे दिया है, लेकिन राज्य सरकार की सुस्ती के कारण लोग आज भी धूल और जाम झेलने को मजबूर हैं।”
– आनंद कुमार, जिलाध्यक्ष, भाजपा

अर्जुन मुंडा का हस्तक्षेप

इस परियोजना को समय पर पूरा कराने के लिए झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व सांसद अर्जुन मुंडा भी लगातार सक्रिय रहे हैं। उन्होंने पूर्व में ही राज्य सरकार के आला अधिकारियों और खूंटी के जिला प्रशासन से व्यक्तिगत रूप से बात की थी। उन्होंने पत्र लिखकर भी आग्रह किया था कि जमीन अधिग्रहण के काम को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि केंद्र सरकार के इस बड़े तोहफे का लाभ खूंटी और आसपास की जनता को जल्द से जल्द मिल सके।

आगे का रास्ता

दिल्ली की इस बैठक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भाजपा प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले में खुद संज्ञान लेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारी झारखंड सरकार के साथ बैठक कर जमीन और वन विभाग के क्लीयरेंस से जुड़े मुद्दों को जल्द से जल्द सुलझाने का प्रयास करेंगे। अब जरूरत इस बात की है कि खूंटी जिला प्रशासन और वन विभाग सक्रिय होकर काम पूरा करे ताकि इस बहुप्रतीक्षित फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य धरातल पर नजर आने लगे।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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