जम्मू,अंग भारत। जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए जम्मू से श्रीनगर के बीच 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया गया है। इस नई सेवा के साथ ही राज्य की शीतकालीन राजधानी जम्मू और ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर सीधे रेल मार्ग से जुड़ गई हैं, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
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नेताओं ने दिखाई हरी झंडी
जम्मू रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों ने 26401 जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर रेल मंत्री ने कहा कि इस रेल सेवा से घाटी में सालभर आवागमन सुगम होगा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी तेज होगी।
बढ़ी ट्रेन की क्षमता
पहले जहां इस रूट पर 8-8 कोच वाली वंदे भारत ट्रेनें चल रही थीं, वहीं अब 20 कोच के रैक लगाए गए हैं। इससे यात्रियों की क्षमता में लगभग ढाई गुना वृद्धि हुई है, जिससे पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को टिकट आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
समय और रूट की जानकारी
जम्मू तवी से पहली ट्रेन सुबह 6:20 बजे रवाना होकर कटरा, रियासी और बनिहाल होते हुए 11:10 बजे श्रीनगर पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन दोपहर 2 बजे श्रीनगर से चलकर शाम 6:50 बजे जम्मू पहुंचेगी। दूसरी सेवा सुबह और दोपहर के समय उपलब्ध रहेगी, जिससे यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में सुविधा होगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रेन
यह वंदे भारत ट्रेन विशेष रूप से कश्मीर घाटी की ठंड और कठिन मौसम को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इसमें हीटिंग सिस्टम, पाइपलाइन सुरक्षा, गर्म हवा की सुविधा और अत्याधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम जैसी तकनीकें शामिल हैं, जिससे शून्य से नीचे तापमान में भी ट्रेन सुचारू रूप से चल सके।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
ट्रेन में सुरक्षा के लिए आरपीएफ जवानों के साथ विशेष कमांडो भी तैनात किए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर कोच में निगरानी की व्यवस्था की गई है।
इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना
इस रेल मार्ग पर बना चिनाब पुल दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज में शामिल है, जो एफिल टॉवर से भी ऊंचा है। वहीं अंजी खड्ड पुल भारत का पहला केबल-स्टेड रेल ब्रिज है। ये दोनों पुल भारतीय इंजीनियरिंग की उत्कृष्टता को दर्शाते हैं।
विकास और रणनीतिक महत्व
इस रेल लाइन के शुरू होने से न केवल पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सेना की आवाजाही और रसद आपूर्ति भी आसान हो जाएगी। खराब मौसम में जहां सड़क मार्ग बाधित हो जाता था, वहीं अब रेल एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरी है।कुल मिलाकर, जम्मू से श्रीनगर तक वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत न केवल कनेक्टिविटी का विस्तार है, बल्कि यह विकास, सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों के लिए एक नई दिशा भी तय करती है।









