जयपुर,अंग भारत। राजस्थान में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के बीच लोगों को फिलहाल थोड़ी राहत मिली है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। हालांकि बीकानेर, चूरू, फलोदी और चित्तौड़गढ़ जैसे इलाकों में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 24 मई से प्रदेश में फिर से तेज गर्मी लौट सकती है और कई जिलों में हीटवेव से लेकर सीवियर हीटवेव तक की स्थिति बन सकती है।मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में गंभीर लू चलने की आशंका जताई गई है, जबकि पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में हीटवेव और गर्म रातों का असर देखने को मिल सकता है। विभाग ने शुक्रवार के लिए सात जिलों में यलो अलर्ट भी जारी किया है।
Read more……….राजस्थान में भीषण गर्मी जारी, हीटवेव ने बढ़ाई परेशानी
श्रीगंगानगर में बारिश से मिली राहत
लगातार दो दिन तक सबसे गर्म रहे श्रीगंगानगर में शनिवार सुबह अचानक मौसम बदला और हल्की बारिश हुई। बारिश के बाद लोगों को तेज गर्मी और लू से कुछ राहत महसूस हुई। वहीं बीते 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक तापमान चित्तौड़गढ़ में 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।फलोदी, चूरू, बीकानेर और गंगानगर समेत कई जिलों में गर्म हवाओं का असर बना रहा। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि रात का तापमान भी 30.7 डिग्री तक पहुंच गया। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते लोग घरों में रहने को मजबूर दिखे। रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर यात्रियों के लिए अतिरिक्त पानी और छाया की व्यवस्था की गई।
कई शहरों में दिखा गर्मी का असर
जोधपुर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में भीड़ कम दिखाई दी। लोगों को राहत देने के लिए शहर में कई जगह प्याऊ लगाए गए हैं। उदयपुर में लगातार दूसरे दिन तापमान बढ़ा और पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। गर्मी से बचने के लिए लोग घरों में अस्थायी कूलिंग व्यवस्था करते नजर आए।सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में जानवरों को गर्मी से राहत देने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। भालुओं को फ्रूट आइसक्रीम और ठंडे फल दिए जा रहे हैं। अलवर में 43.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया, जहां नगर पालिका ने सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया। अजमेर में भी तेज गर्मी के कारण ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है।कोटा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तेज गर्मी का असर इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों पर भी देखने को मिला। वहीं सीकर में लगातार छठे दिन भी गर्मी का असर जारी रहा और दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा नजर आया।










