कोलकाता,अंग भारत। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो शनिवार सुबह अपने भारत दौरे पर कोलकाता पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी भी मौजूद रहीं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर आगमन के बाद रुबियो सीधे तालतला स्थित मदर टेरेसा हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की और कुछ समय बिताया।रुबियो की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई अहम मुद्दों को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों को देखते हुए इस दौरे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से होगी अहम मुलाकात
कोलकाता दौरे के बाद मार्को रुबियो दोपहर में नई दिल्ली रवाना होंगे। राजधानी में उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का कार्यक्रम तय है। माना जा रहा है कि इस बैठक में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा, तकनीक और रणनीतिक साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रुबियो के भारत आगमन की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम विषयों पर विस्तृत बातचीत होगी। क्वाड सहयोग, सुरक्षा साझेदारी और नई तकनीकों में सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।
क्वाड बैठक में भी शामिल होंगे रुबियो
मार्को रुबियो अपने भारत दौरे के अंतिम दिन 26 मई को होने वाली क्वाड बैठक में भी हिस्सा लेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री मोटेगी तोशिमित्सु भी शामिल होंगे।विशेषज्ञों का मानना है कि क्वाड देशों के बीच बढ़ता सहयोग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है। वहीं भारत लगातार पश्चिम एशिया में शांति और संवाद की वकालत करता रहा है। नई दिल्ली ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में मालवाहक जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है।भारत रवाना होने से पहले मार्को रुबियो ने कहा कि भारत अमेरिका का बेहद करीबी मित्र है और वह भारतीय नेताओं तथा क्वाड प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात को लेकर उत्साहित हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों के बीच इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।










