पटना,अंग भारत। बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में पटना के बापू सभागार में ‘भरोसे के च्वाइस पटना एडिशन’ के 11वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए यह स्पष्ट किया कि भारत के विकसित होने का सपना तब तक अधूरा है जब तक बिहार आर्थिक और औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं बन जाता। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य बिहार को निवेश का केंद्र बनाना और सुशासन के माध्यम से विकास की नई गाथा लिखना है। राज्य को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सरकार अब नीतिगत सुधारों और बुनियादी ढांचे के विकास पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है।
इतिहास से भविष्य का सफर
बिहार का गौरवशाली अतीत पूरे विश्व के लिए प्रेरणा रहा है। सम्राट चौधरी ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि कैसे शुरुआती दौर में राज्य ने विकास की एक ठोस आधारशिला रखी थी। हालांकि, बाद के दशकों में राजनीतिक अस्थिरता के कारण विकास की गति धीमी पड़ गई थी। अब वर्तमान सरकार उसी खोई हुई विरासत को वापस लाने के लिए काम कर रही है। सरकार का विजन केवल पुराने गौरव को याद करना नहीं, बल्कि उसे आज की आधुनिक जरूरतों के साथ जोड़कर एक नया बिहार गढ़ना है।
आधुनिक टाउनशिप का जाल
बिहार में औद्योगिक क्रांति लाने के लिए सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इसके तहत राज्य में 12 नई आधुनिक टाउनशिप बसाई जाएंगी। इन टाउनशिप की रूपरेखा इस प्रकार है:
- लगभग 6.25 लाख एकड़ भूमि का उपयोग औद्योगिक और आवासीय विकास के लिए होगा।
- इन परियोजनाओं में करीब 6.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है।
- इंडस्ट्रियल पार्क और औद्योगिक कॉरिडोर का निर्माण, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिले।
- बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा केंद्रों का एक साथ विकास।
इन टाउनशिप के लिए सरकार ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का वादा किया है, ताकि प्रभावित लोगों को उनका वाजिब हक और उचित मुआवजा समय पर मिल सके।
कारोबार में आएगी तेजी
निवेशकों को बिहार की ओर आकर्षित करने के लिए सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के नियमों को सख्त और सरल किया है। सम्राट चौधरी ने साफ किया कि अब किसी भी उद्योग को शुरू करने के लिए आवश्यक अनुमतियां अधिकतम 30 दिनों के भीतर मिल जानी चाहिए। यदि कोई अधिकारी इस फाइल को लटकाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई तय है। प्रशासनिक जवाबदेही तय होने से बिहार में औद्योगिक निवेश का माहौल बदलेगा।
कानून और सुरक्षा व्यवस्था
निवेश तब आता है जब सुरक्षा का भरोसा हो। सरकार ने अपराध नियंत्रण के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। अब किसी भी आपराधिक घटना पर पुलिस को 24 से 48 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यह सक्रियता अपराधियों में खौफ पैदा करने और आम नागरिकों व निवेशकों में विश्वास जगाने के लिए जरूरी है।
पर्यटन का नया अध्याय
बिहार के पास बौद्ध सर्किट और ऐतिहासिक स्थलों की जो विरासत है, वह दुनिया के किसी भी राज्य के लिए दुर्लभ है। सरकार इन स्थलों को विश्व स्तरीय बनाने पर जोर दे रही है:
- बोधगया और राजगीर के पर्यटन बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण।
- विक्रमशिला और पुनौरा धाम जैसे स्थलों को अंतरराष्ट्रीय नक्शे पर स्थापित करना।
- वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना।
- भगवान महावीर के भव्य मंदिर का निर्माण, जो अगले छह महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा।
युवाओं की बड़ी भूमिका
सम्राट चौधरी ने प्रदेश के युवाओं से अपील की है कि वे नवाचार और उद्यमशीलता की ओर कदम बढ़ाएं। बिहार का विकास सिर्फ सरकारी नीतियों से नहीं, बल्कि लोगों की सक्रिय भागीदारी से होगा। जब बिहार का हर युवा अपने कौशल का सही उपयोग करेगा, तभी राज्य देश के अग्रणी राज्यों की सूची में मजबूती से खड़ा हो सकेगा। यह केवल एक सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि एक राज्य की सामूहिक प्रतिबद्धता है जो आने वाले वर्षों में बिहार को एक नए स्वरूप में प्रस्तुत करेगी।








