दांबुला (श्रीलंका)/अंग भारत। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। टाई नेशन सीरीज के फाइनल में श्रीलंका ए के खिलाफ खेलते हुए 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज ने ऐसी पारी खेली, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। रंगिरि दांबुला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में वैभव ने महज 29 गेंदों पर 94 रन बनाकर कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।
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11 गेंदों में जड़ा सबसे तेज लिस्ट-ए अर्धशतक
इंडिया-ए के लिए पारी की शुरुआत करने उतरे वैभव सूर्यवंशी ने पहले ही ओवर से आक्रामक अंदाज दिखाया। उन्होंने केवल 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया, जो लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक बन गया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने श्रीलंका के कौशल्या वीररत्ने का 12 गेंदों में अर्धशतक बनाने का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
चौकों-छक्कों की बारिश से मचाई सनसनी
वैभव की बल्लेबाजी के सामने श्रीलंका ए के गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। उन्होंने अपनी 29 गेंदों की विस्फोटक पारी में 10 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के लगाए। मैदान के चारों ओर लगाए गए उनके शॉट्स ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। पावरप्ले के दौरान उन्होंने विपक्षी गेंदबाजी आक्रमण की जमकर धुनाई की और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।
शतक से चूके, लेकिन बना गए इतिहास
वैभव सूर्यवंशी अपने पहले लिस्ट-ए शतक से सिर्फ 6 रन दूर रह गए। यदि वह शतक पूरा कर लेते, तो सबसे तेज लिस्ट-ए शतक के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर सकते थे। फिलहाल यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के जेक फ्रेजर-मैकगर्क के नाम दर्ज है, जिन्होंने 2023 में मात्र 29 गेंदों पर शतक बनाया था।
फाइनल में दिया आलोचकों को जवाब
पूरी श्रृंखला के शुरुआती मुकाबलों में वैभव का बल्ला अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया था और उन्होंने चार मैचों में कुल 117 रन बनाए थे। लेकिन फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में उन्होंने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं।
बिहार के बेटे ने बढ़ाया देश का मान
बिहार में जन्मे वैभव सूर्यवंशी पिछले एक वर्ष में भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हो चुके हैं। आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए 237.30 के शानदार स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर उन्होंने क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उसी प्रदर्शन का पुरस्कार उन्हें इंडिया-ए टीम में चयन के रूप में मिला और अब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया है।



































