Founder – Mohan Milan

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, अमेरिकी हमलों के बाद खाड़ी देशों में गूंजे धमाके

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच खाड़ी देशों में अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइल हमलों से दहकते सैन्य ठिकाने और जलते हुए ईंधन टैंक की सांकेतिक तस्वीर

ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा, आईआरजीसी ने अमेरिकी अड्डों को निशाना बनाने की बात कही

तेहरान/वाशिंगटन/कुवैत सिटी/मनामा/अम्मान,अंग भारत। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब सीधे सैन्य टकराव में बदलता नजर आ रहा है। अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए ताबड़तोड़ हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। दोनों देशों के बीच बढ़ी इस तनातनी से पूरे पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं।अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि उसने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से जवाबी हमला किया है।

अमेरिका ने लड़ाकू विमानों और ड्रोन से किए हमले

अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ईरान के खिलाफ कार्रवाई की। सेंटकॉम ने दावा किया कि हमलों में ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।अमेरिकी सेना ने बताया कि इस अभियान में पहली बार लड़ाकू विमानों, नौसेना के जहाजों, वन-वे अटैक ड्रोन और समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हमले में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार केंद्र, मिसाइल और ड्रोन क्षमता वाले ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया गया है।इससे पहले भी अमेरिका ने ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे।

ईरान के बंदरगाह शहरों में धमाके

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान के दक्षिणी हिस्सों में कई जगह धमाकों की खबर सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, बंदर अब्बास, सिरिक और जास्क जैसे बंदरगाह शहरों के साथ-साथ केशम द्वीप पर भी जोरदार धमाके हुए।ईरान के खुजेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर वलीओल्लाह हयाती ने बताया कि माहशहर इलाके में एक सिंचाई पंप केंद्र पर मिसाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए हैं।

आईआरजीसी ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले का किया दावा

ईरान के आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।ईरान की ओर से कहा गया कि कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। ईरानी अधिकारियों ने अली अल सलेम अमेरिकी अड्डे पर ईंधन भंडारण टैंकों और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है।इसके अलावा अहमद अल जाबेर एयर बेस और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर भी हमले का दावा किया गया है।

कुवैत और बहरीन में बजे खतरे के सायरन

ईरानी हमलों के दावे के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि खतरे को देखते हुए सायरन बजाए गए और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।कुवैत की सेना ने भी बयान जारी कर कहा कि इलाके में सुनाई देने वाली धमाकों की आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम की कार्रवाई का नतीजा थीं। सेना ने नागरिकों से सरकार के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

जॉर्डन ने चार मिसाइलों को रोकने का दावा किया

जॉर्डन की सेना ने भी दावा किया है कि उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर रही चार मिसाइलों को रोककर नष्ट कर दिया गया।क्षेत्र में लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच कई देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र

अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा विवाद का बड़ा कारण होर्मुज जलडमरूमध्य है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहा है।वहीं ईरान का कहना है कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए कदम उठा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है, इसलिए यहां बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर डाल सकता है।फिलहाल दोनों देशों की ओर से लगातार सैन्य दावे किए जा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि यह टकराव आगे किस दिशा में जाता है।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of अंग भारत • रिपोर्टर

अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

Related Posts
Recent Posts
App Icon