मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की योजना की शुरुआत, पर्यटन को मिलेगा नया बढ़ावा
पटना,अंग भारत। बिहार में पर्यटन को नई उड़ान देने के लिए राज्य सरकार ने सोमवार से ‘मुख्यमंत्री बिहार हेली टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026’ की शुरुआत कर दी। इस योजना के तहत अब आम लोग भी हेलीकॉप्टर से राज्य के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों की सैर कर सकेंगे।योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इससे न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिहार अब तेजी से विकास की नई पहचान बना रहा है और पर्यटन इसमें अहम भूमिका निभाएगा।
हर बिहारी बने राज्य का ब्रांड एंबेसडर
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर बिहारी को अपने राज्य का ब्रांड एंबेसडर बनना चाहिए, ताकि बिहार की सकारात्मक तस्वीर देश और दुनिया तक पहुंचे।उन्होंने कहा कि अब बाहर से आने वाले लोग बिहार में हो रहे बदलाव को देखकर प्रभावित हो रहे हैं। पहले पटना आने वाले पर्यटक सीमित जगहों तक ही रुकते थे, लेकिन अब बड़े होटल समूह भी यहां निवेश कर रहे हैं, जिससे पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं बन रही हैं।
पर्यटन से बढ़ेगी सरकार की आमदनी
मुख्यमंत्री ने बताया कि बांकीपुर में बन रही होटल परियोजना से सरकार को हर साल करीब 17 करोड़ रुपये की रॉयल्टी मिलेगी। वहीं अशोका होटल से भी लगभग 8.5 करोड़ रुपये की वार्षिक आय होने का अनुमान है।उन्होंने कहा कि पर्यटन सिर्फ सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे रोजगार और राजस्व दोनों में बढ़ोतरी होती है।
पर्यटन विभाग को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी
सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्यटन विभाग को भविष्य में आत्मनिर्भर बनाया जाए।उन्होंने बताया कि फिलहाल पटना स्काईलाइन जॉय राइड के लिए यात्री 2,100 रुपये का किराया देते हैं, जबकि सरकार प्रति टिकट करीब 15 हजार रुपये का अनुदान दे रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे पर्यटन विभाग खुद सरकार के लिए आय का बड़ा स्रोत बन सके।
रोजाना चले हेली सेवा, जरूरत पड़े तो बढ़ें हेलीकॉप्टर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हेली टूरिज्म सेवा सप्ताह में केवल दो दिन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसे प्रतिदिन संचालित करने की दिशा में काम किया जाए। जरूरत पड़ने पर एक की जगह पांच हेलीकॉप्टर तक लगाए जाएं और निजी कंपनियों की भी इसमें भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
प्रति टिकट 15 हजार रुपये से अधिक का अनुदान
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार इस योजना के तहत प्रति टिकट अधिकतम 15,422 रुपये तक का अनुदान दे रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
कम समय में प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचेंगे पर्यटक
पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि नई हेली टूरिज्म सेवा के जरिए पर्यटक कम समय में बिहार के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच सकेंगे।उन्होंने कहा कि इससे घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, साथ ही स्थानीय कारोबार और रोजगार को भी फायदा मिलेगा।पटना शहर के ऊपर लगभग 10 मिनट की हेलीकॉप्टर जॉय राइड का किराया 2,100 रुपये प्रति यात्री रखा गया है। इसके अलावा हेलीकॉप्टर से राज्य के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा भी की जा सकेगी।
कई पर्यटन परियोजनाओं की भी हुई शुरुआत
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 165.44 करोड़ रुपये की लागत से बोधगया में बनने वाले विश्वस्तरीय ध्यान एवं अनुभव केंद्र का शिलान्यास किया।इसके अलावा 28.50 करोड़ रुपये की लागत वाली कई पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया। कार्यक्रम में मुजफ्फरपुर एम्यूजमेंट पार्क परियोजना और मुख्यमंत्री होम-स्टे नीति के लाभार्थियों को भी प्रमाण-पत्र दिए गए।
पटना से हेली सेवा का किराया
- राजगीर (नालंदा) – 4,000 रुपये प्रति यात्री
- वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण) – 5,000 रुपये प्रति यात्री
- मां मुंडेश्वरी धाम (कैमूर) – 6,000 रुपये प्रति यात्री
सरकार का मानना है कि इस नई पहल से बिहार में पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी और राज्य देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।










