पथ निर्माण मंत्री बोले- काम में देरी बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता और सुरक्षा से नहीं होगा समझौता
भागलपुर,अंग भारत। बिहार के पथ निर्माण मंत्री सह बिहपुर विधायक ईं कुमार शैलेन्द्र ने सोमवार को भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु के मरम्मत और पुनर्स्थापन कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को तय समय सीमा के अंदर काम पूरा करने का निर्देश दिया।मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति, काम की गुणवत्ता और निर्माण की गति को लेकर जानकारी ली।
हर हाल में 30 नवंबर 2026 तक पूरा हो काम
निरीक्षण के दौरान मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन और मरम्मत का काम हर हाल में 30 नवंबर 2026 तक पूरा किया जाए।उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। पुल की मजबूती और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर चरण का काम तय मानकों के अनुसार किया जाना चाहिए।
गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की लगातार जांच की जाए। साथ ही तकनीकी मानकों और सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि काम की नियमित निगरानी जरूरी है, ताकि भविष्य में पुल से जुड़ी किसी भी तकनीकी समस्या की संभावना को कम किया जा सके।
डिस्मेंटलिंग कार्य की भी ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पुल के डिस्मेंटलिंग कार्य के लिए तैयार किए जा रहे स्टेजिंग निर्माण की भी समीक्षा की।उन्होंने संबंधित एजेंसी को निर्देश दिया कि स्टेजिंग निर्माण का काम गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरा किया जाए, ताकि आगे की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।
बेली ब्रिज हटाने को लेकर बीआरओ से समन्वय के निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आने वाले समय में बेली ब्रिज को सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के साथ बेहतर तालमेल बनाया जाए।उन्होंने निर्देश दिया कि सभी तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बेली ब्रिज हटाने का काम सुरक्षित और समय पर पूरा किया जाए।
लोगों की सुविधा सरकार की प्राथमिकता
मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने कहा कि आम लोगों को सुरक्षित और आसान आवागमन की सुविधा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण कार्य की निगरानी करने और तकनीकी मानकों के अनुसार काम पूरा कराने का निर्देश दिया, ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो और पुल जल्द से जल्द बेहतर स्थिति में आ सके।










