पटना,अंग भारत। अगर आपने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया है और अब तक कार्ड नहीं बना है, तो आपके लिए अच्छी खबर है। बिहार सरकार ने अगले एक महीने के भीतर 11 लाख से ज्यादा नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य तय किया है। सरकार चाहती है कि राज्य का कोई भी गरीब और जरूरतमंद परिवार राशन योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसी को लेकर सोमवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की और साफ शब्दों में कहा कि अब काम में किसी तरह की सुस्ती या बहाना नहीं चलेगा।बैठक में सभी जिलों के कामकाज की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि 13 अगस्त 2026 तक हर हाल में नए राशन कार्ड जारी करने का काम पूरा होना चाहिए। इसके लिए सभी जिलों के डीएम और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को पूरी ताकत के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है।
हर पात्र परिवार तक पहुंचे सरकारी योजना का लाभ
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जिन्हें राशन कार्ड मिलना बाकी है। सरकार ने ऐसे सभी पात्र लोगों को योजना से जोड़ने का फैसला किया है।राज्य में कुल 46 लाख 93 हजार 806 रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत 11 लाख 4 हजार 425 नए राशन कार्ड बनाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि राशन कार्ड बनने के बाद लाखों गरीब परिवारों को हर महीने सस्ते दर पर अनाज मिल सकेगा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से मिलेगा।
रोज बनेंगे 36 हजार से ज्यादा राशन कार्ड
सरकार ने सिर्फ लक्ष्य तय नहीं किया है, बल्कि हर दिन कितना काम होगा, यह भी तय कर दिया गया है। अब पूरे बिहार में रोजाना 36 हजार 814 नए राशन कार्ड जारी करने होंगे। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि हर जिले में रोजाना काम की समीक्षा की जाए। अगर किसी जिले में लक्ष्य से कम काम हुआ तो उसकी वजह पूछी जाएगी।उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकारी फाइलों का काम नहीं है, बल्कि लाखों गरीब परिवारों की जरूरत का मामला है। इसलिए सभी अधिकारी इसे सबसे जरूरी काम मानकर पूरा करें।
पटना पर सबसे ज्यादा जिम्मेदारी
बैठक में जिलावार लक्ष्य भी तय किए गए। सबसे ज्यादा नए राशन कार्ड पटना जिले में बनाए जाएंगे। यहां 1 लाख 18 हजार 649 नए कार्ड जारी करने हैं। इसके लिए हर दिन करीब 3 हजार 955 कार्ड बनाने होंगे।वैशाली जिले में 1 लाख 3 हजार 704 नए राशन कार्ड जारी किए जाएंगे। यहां रोज 3 हजार 457 कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं मुजफ्फरपुर जिले में 86 हजार 175 नए राशन कार्ड बनाए जाएंगे और वहां प्रतिदिन 2 हजार 873 कार्ड जारी करने होंगे।दूसरी ओर अरवल जिले में सबसे कम काम बचा है। वहां केवल 2 हजार 180 नए राशन कार्ड बनाने हैं। इसलिए वहां प्रतिदिन सिर्फ 73 कार्ड जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
जहां काम कम बचा है, वहां पहले पूरा करें
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन जिलों में कम संख्या में राशन कार्ड बनने बाकी हैं, वहां के अधिकारी बिना समय गंवाए काम पूरा करें। अरवल, बक्सर और जहानाबाद जैसे जिलों को जल्द लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना था कि छोटे लक्ष्य वाले जिले जल्दी काम खत्म करेंगे तो दूसरे जिलों को भी तेजी से काम करने की प्रेरणा मिलेगी।
गलत लोगों का नहीं, सिर्फ हकदारों का बने कार्ड
बैठक में यह भी साफ किया गया कि राशन कार्ड बनाने में पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी। किसी अपात्र व्यक्ति का कार्ड नहीं बनेगा, लेकिन कोई पात्र परिवार भी छूटना नहीं चाहिए। आवेदन की जांच सही तरीके से हो और किसी को बेवजह दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसका भी अधिकारियों को निर्देश दिया गया।अगर किसी व्यक्ति ने आवेदन दिया है और उसका काम किसी कारण से अटका हुआ है तो उसे जल्द निपटाने को कहा गया है। साथ ही राशन कार्ड से जुड़ी शिकायतों का भी समय पर समाधान करने का निर्देश दिया गया।
काम में ढिलाई हुई तो होगी कार्रवाई
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बैठक के आखिर में साफ कहा कि सरकार इस अभियान को लेकर पूरी तरह गंभीर है। अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी तय लक्ष्य पूरा करने में लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि बिहार का कोई भी गरीब परिवार खाद्य सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित न रहे। जन वितरण प्रणाली तभी मजबूत होगी, जब हर पात्र व्यक्ति के पास राशन कार्ड होगा और उसे समय पर अनाज मिलेगा। इसलिए सभी अधिकारियों को तय समय के भीतर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।










