पटना,अंग भारत। बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को हंगामे और राजनीतिक तल्खी के बीच हुई। विधानसभा में वित्त मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 87 हजार 383 करोड़ 43 लाख रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। इसके साथ ही सरकार ने विभिन्न विभागों से जुड़े 13 महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन के पटल पर रखे। हालांकि पहले ही दिन नीट पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष के जोरदार विरोध के कारण सदन का माहौल गर्म रहा और दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
87 हजार करोड़ से अधिक का अनुपूरक बजट पेश
वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करते हुए बताया कि कुल 87,383.43 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है। इसमें 24,370.72 करोड़ रुपये राज्य योजना मद के लिए रखे गए हैं, जबकि शेष राशि केंद्र प्रायोजित योजनाओं और अन्य मदों पर खर्च की जाएगी।सरकार का कहना है कि इस राशि का उपयोग विकास योजनाओं को गति देने, विभिन्न विभागों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने और चल रही परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए किया जाएगा। अब इस बजट पर सदन में चर्चा होगी, जिसके बाद इसे पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
एक साथ 13 अहम विधेयक सदन में पेश
मानसून सत्र के पहले दिन सरकार ने 13 महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में पेश किए। इनमें शहरी विकास, शिक्षा, भूमि, स्वास्थ्य, कर व्यवस्था और उद्योग जैसे कई क्षेत्रों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।सरकार की ओर से पेश किए गए प्रमुख विधेयकों में बिहार नगर विकास विधेयक-2026, बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026, बिहार ईज ऑफ डुईंग बिजनेस विधेयक-2026, बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक-2026, बिहार माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026, बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक-2026, बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक-2026, बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक-2026 और बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक-2026 शामिल हैं। इन विधेयकों पर आने वाले दिनों में सदन में विस्तार से चर्चा होगी।
नीट पेपर लीक पर विपक्ष का प्रदर्शन
सत्र के पहले दिन विधानसभा परिसर में सबसे ज्यादा चर्चा नीट पेपर लीक को लेकर हुई। राजद, कांग्रेस और वामपंथी दलों के विधायकों ने विधानसभा के मुख्य द्वार से लेकर पोर्टिको तक मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष ने केंद्र सरकार को इस मामले में घेरते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में भी आवाज उठाई। साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के मुद्दे को भी सदन के बाहर उठाया गया।
विपक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
वामपंथी विधायक अजय कुमार ने कहा कि नीट पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से छात्र आंदोलन कर रहे हैं और उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी विरोध के तहत विपक्ष ने विधानसभा परिसर में मार्च निकाला।वहीं राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है और गरीब तथा मेधावी छात्रों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है और दोषियों पर सख्त कदम उठाया जाना चाहिए।
24 जुलाई तक चलेगा मानसून सत्र
बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र 20 जुलाई से 24 जुलाई तक चलेगा। पांच दिनों के इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने और विकास योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। वहीं विपक्ष बेरोजगारी, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है।पहले ही दिन हुए हंगामे के बाद विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। अब सबकी नजर अगले दिन की कार्यवाही पर रहेगी कि सदन में चर्चा का माहौल बनता है या फिर राजनीतिक टकराव का दौर जारी रहता है।








