नई दिल्ली,अंग भारत। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को जोरदार राजनीतिक हंगामे के साथ हुई। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों समेत कई मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर सरकार को घेरा। लगातार नारेबाजी और विरोध के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। दिनभर गतिरोध बना रहने के बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
पहले ही दिन नहीं चल सका सदन
मानसून सत्र के पहले दिन जैसे ही दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी सीटों से खड़े हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष की मांग थी कि नीट पेपर लीक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुए व्यवहार और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर पहले चर्चा कराई जाए।हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। कई बार सदन को स्थगित करना पड़ा, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।
लोकसभा में पेश हुआ सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक
हंगामे के बीच केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश किया। इस विधेयक में सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव रखा गया है।कार्यवाही की शुरुआत में लोकसभा अध्यक्ष ने कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी सहित छह पूर्व सांसदों के निधन पर शोक व्यक्त किया। श्रद्धांजलि के बाद सदन को पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर कई बार अल्प अवधि के लिए स्थगित किया गया। अंततः दोपहर तीन बजे पूरे दिन के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में नौ नए सदस्यों ने ली शपथ
राज्यसभा में मानसून सत्र के पहले दिन नौ नवनिर्वाचित सदस्यों ने शपथ ग्रहण की। इनमें गुजरात से मुकेशभाई जे. राठवा, कर्नाटक से पवन खेड़ा, मध्य प्रदेश से महेश केवट, मेघालय से जेम्स पांगसांग कोंगकल संगमा, मिजोरम से खियांगते ललतलुआगकिमा, राजस्थान से सतीश पूनिया तथा पश्चिम बंगाल से प्रकाश चिक बराइक, सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर राय शामिल रहे।सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने पूर्व सदस्यों बलबीर पुंज, स्वपन साधन बोस, रंगासायी रामकृष्ण और एच. हनुमंथप्पा के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कतर के पूर्व अमीर को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
खरगे ने उठाया छात्रों का मुद्दा
श्रद्धांजलि के बाद राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों, कथित लाठीचार्ज और नीट सहित अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक का मुद्दा उठाया। उन्होंने इन मामलों पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की।विपक्ष के हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे, फिर 12:30 बजे, 12:50 बजे, दो बजे और बाद में 2:30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दोपहर बाद कार्यवाही शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने और चर्चा के जरिए मुद्दों का समाधान निकालने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने के कारण पूरे दिन कोई विधायी कार्य नहीं हो सका।
संसद परिसर के बाहर भी कड़ी सुरक्षा
संसद के भीतर हंगामे के साथ-साथ बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन को देखते हुए संसद भवन और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन के कारण संसद मार्ग और आसपास की कई सड़कों पर आवाजाही भी प्रभावित रही।
आने वाले दिनों पर रहेगी नजर
मानसून सत्र के पहले दिन के घटनाक्रम से साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी टक्कर देखने को मिल सकती है। सरकार जहां अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष नीट पेपर लीक, शिक्षा, महंगाई, बेरोजगारी और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। ऐसे में पूरे मानसून सत्र के दौरान संसद का माहौल राजनीतिक रूप से काफी गरम रहने के आसार हैं।








