कोलकाता,अंग भारत। पश्चिम बंगाल में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक दिनभर आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने खासकर उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
दक्षिण बंगाल के कई जिलों में होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार कोलकाता, हावड़ा, हुगली, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, खड़गपुर, झाड़ग्राम, बांकुड़ा, पुरुलिया, बीरभूम और विष्णुपुर समेत दक्षिण बंगाल के कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहेंगे। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की भी संभावना है। कुछ जगहों पर तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं।इन जिलों में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। हवा में नमी 80 से 90 प्रतिशत तक बनी रहने की वजह से लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ सकता है।
उत्तर बंगाल में भारी बारिश का अनुमान
दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार समेत उत्तर बंगाल के जिलों में मानसून का असर ज्यादा देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में हल्की से लेकर भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
हवा की रफ्तार सामान्य, लेकिन उमस रहेगी बरकरार
मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में दक्षिण-पश्चिम दिशा से नम हवाएं लगातार चलती रहेंगी। हवा की गति सामान्य तौर पर 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है। बादलों की वजह से दिन में तेज धूप नहीं निकलेगी, लेकिन वातावरण में नमी अधिक रहने से उमस बनी रह सकती है।बारिश होने के दौरान तापमान में कुछ गिरावट आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें तथा जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें।







