भोपाल,अंग भारत| भोपाल में अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में शुक्रवार को विशेष सीबीआई अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने मृतका की सास (रिटायर्ड जज) गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को पांच-पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है।सीबीआई की मांग पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश शोभना भलावे ने दोनों आरोपियों की रिमांड मंजूर की। समर्थ सिंह पहले से ही सीबीआई हिरासत में था, जिसकी रिमांड अवधि अब आगे बढ़ा दी गई है।
आमने-सामने बिठाकर होगी पूछताछ
जांच एजेंसी अब दोनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी, ताकि घटना की रात की कड़ियों को जोड़ा जा सके। सीबीआई का फोकस यह समझने पर है कि 12 मई की रात कटारा हिल्स स्थित घर में वास्तव में क्या हुआ था और बयानों में विरोधाभास क्यों है।रिमांड से पहले दोनों आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। अदालत में पेशी के दौरान दोनों को एक ही कटघरे में खड़ा किया गया, जहां बहस में वरिष्ठ वकील शामिल रहे।
डिजिटल तकनीक से जांच में तेजी
सीबीआई इस हाई-प्रोफाइल मामले में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है। जांच एजेंसी ‘टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन’ के तहत ट्विशा के अंतिम घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार कर रही है।इसके लिए मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), वाई-फाई लॉग, कैमरा टाइमस्टैंप और टावर लोकेशन का मिलान किया जा रहा है। इससे तीन मंजिला मकान में हर गतिविधि का मिनट-टू-मिनट डिजिटल नक्शा तैयार किया जा रहा है, ताकि घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।
आर्थिक प्रताड़ना और दहेज का एंगल सामने आया
जांच में यह भी सामने आया है कि ट्विशा शर्मा के पास करीब 20 लाख रुपये के शेयर थे, जिन्हें शादी के बाद कथित तौर पर परिवार द्वारा अपने नाम कराने का दबाव बनाया जा रहा था।मृतका के वकील के अनुसार, शादी के बाद वियतनाम यात्रा से लौटने पर पति और सास को इन शेयरों की जानकारी मिली, जिसके बाद दबाव और बढ़ गया।इसके अलावा, परिजनों का दावा है कि ट्विशा ने अपनी मां को फोन पर रोते हुए बताया था कि उसे दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। साथ ही गर्भावस्था के दौरान भी उत्पीड़न के आरोप सामने आए हैं।
पहले ही गिरफ्तार हो चुकी हैं सास
सीबीआई ने गुरुवार को करीब 7 घंटे की पूछताछ और स्पॉट वेरिफिकेशन के बाद गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी को सबूतों से छेड़छाड़ के संकेत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई थी।
जांच में तेजी, कई लोगों से पूछताछ संभव
सीबीआई अब इस मामले में घर के अन्य सदस्यों, नौकरों, सुरक्षा गार्डों और घटना के समय संपर्क में रहे लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। एजेंसी का लक्ष्य पूरे घटनाक्रम की कड़ी से कड़ी जोड़कर सच्चाई सामने लाना है।










