सुपौल,अंग भारत। जिले के बीएसएस कॉलेज में कॉपी जांच को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पूर्व में किए गए मूल्यांकन कार्य का भुगतान नहीं मिलने से नाराज प्रोफेसरों ने विरोध का रास्ता अपनाते हुए कॉपी जांच करने से इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।रविवार को कॉलेज परिसर में शिक्षकों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जब तक बकाया पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक कोई भी शिक्षक मूल्यांकन कार्य में भाग नहीं लेगा। शिक्षकों ने साफ शब्दों में कहा कि वे अपनी मेहनत का उचित भुगतान चाहते हैं और इसके बिना काम करना संभव नहीं है।
Read more………जन सुराज के कई नेता कांग्रेस में शामिल, सियासी हलचल
भुगतान नहीं मिलने से शिक्षकों में आक्रोश
प्रोफेसर शिव नन्दन यादव ने बताया कि उन्होंने पिछले परीक्षा सत्र में पूरी जिम्मेदारी के साथ कॉपियों का मूल्यांकन किया था। इसके बावजूद अब तक उन्हें पारिश्रमिक नहीं मिला है, जिससे शिक्षकों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।अन्य शिक्षकों ने भी अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि लगातार अनदेखी किए जाने से वे खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक भुगतान की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होती, तब तक वे किसी भी प्रकार के मूल्यांकन कार्य से दूर रहेंगे।
रिजल्ट में देरी की बढ़ी चिंता
शिक्षकों के इस निर्णय का सीधा असर आगामी परीक्षाओं के मूल्यांकन कार्य पर पड़ सकता है। कॉपी जांच रुकने से छात्रों के रिजल्ट में देरी होने की आशंका बढ़ गई है। इस स्थिति को लेकर छात्रों और अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है।छात्रों का कहना है कि यदि समय पर कॉपियों की जांच नहीं हुई, तो उनके भविष्य पर असर पड़ सकता है। वहीं अभिभावक भी चाहते हैं कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकाला जाए, ताकि शैक्षणिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।फिलहाल कॉलेज प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक स्थिति को सामान्य बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और संबंधित अधिकारियों से बातचीत जारी है।शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज कर सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।










One Response