भागलपुर,अंग भारत। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के चौथे चरण के दौरान मंगलवार को भागलपुर पहुंचे, जहां उनका मुख्य उद्देश्य निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के काम में तेजी लाना और स्थानीय स्तर पर चल रही सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखना था। भागलपुर-बौंसी रेलवे लाइन पर बन रहे इस ओवरब्रिज का निरीक्षण करते हुए उन्होंने संबंधित विभागों के इंजीनियरों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से विस्तृत प्रगति रिपोर्ट तलब की और काम की गति पर असंतोष जाहिर करते हुए इसमें तत्काल सुधार करने को कहा। यह दौरा केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भागलपुर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, ताकि स्थानीय निवासियों को आवागमन में हो रही परेशानियों से निजात मिल सके।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य
रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भागलपुर के यातायात को सुगम बनाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। मुख्यमंत्री का सीधे निर्माण स्थल पर पहुंचना यह दर्शाता है कि राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट को लेकर कितनी गंभीर है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल निर्माण की भौतिक स्थिति देखी, बल्कि तकनीकी चुनौतियों और जमीन अधिग्रहण से जुड़ी बाधाओं पर भी बारीकी से चर्चा की। इस ओवरब्रिज के तैयार होने से भागलपुर-बौंसी रूट पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों से दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
- निर्माण कार्य की गति को दोगुना करना ताकि डेडलाइन मिस न हो।
- गुणवत्ता मानकों (Quality Standards) का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना।
- रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर तकनीकी बाधाओं को तुरंत दूर करना।
- प्रोजेक्ट की साप्ताहिक रिपोर्ट जिला प्रशासन के माध्यम से सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजना।
बैजानी पंचायत का दौरा
रेलवे ओवरब्रिज के निरीक्षण के बाद, मुख्यमंत्री का काफिला सीधे बैजानी पंचायत के लिए रवाना हो गया। इस दौरे का मुख्य हिस्सा ‘आम जनता से सीधा संवाद’ था। मुख्यमंत्री ने पंचायत में चल रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की और ग्रामीणों से सीधे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने जाना कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं। यह संवाद कार्यक्रम सीधे फीडबैक लेने का एक सशक्त माध्यम है, जिससे प्रशासनिक कमियों को दूर करने में मदद मिलती है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और शहर के प्रमुख रास्तों से लेकर निरीक्षण स्थल तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया गया। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी रखी गई। स्थानीय अधिकारियों ने पूरी सावधानी बरती ताकि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
यातायात पर असर
इस दौरे के चलते भागलपुर शहर में यातायात व्यवस्था में थोड़े बदलाव किए गए थे। चूंकि मुख्यमंत्री का रूट संवेदनशील था, इसलिए एहतियात के तौर पर कई रास्तों को कुछ समय के लिए डायवर्ट किया गया था। प्रशासन की कोशिश थी कि आम जनता को कम से कम असुविधा हो, फिर भी सुरक्षा कारणों से कुछ स्थानों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित रखा गया था। ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग होने से भविष्य में यहां की यातायात व्यवस्था के सुधरने की पूरी उम्मीद है, जो इस पूरे दौरे का सबसे सकारात्मक पहलू है।








