पटना,अंग भारत। बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 26 अप्रैल को अपने गृह जिला मुंगेर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर चल रही सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखना और राज्य के पर्यटन मानचित्र पर मुंगेर को नई पहचान दिलाना है। अपने इस व्यस्त कार्यक्रम के दौरान वे तारापुर विधानसभा क्षेत्र में कई विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं की प्रगति पर सीधी चर्चा करेंगे।
असरगंज में विशेष कार्यक्रम
सम्राट चौधरी के दौरे का प्रमुख केंद्र तारापुर विधानसभा क्षेत्र का असरगंज प्रखंड होगा। यहाँ वे बैजलपुर गांव का दौरा करेंगे। प्रशासन ने उनके स्वागत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। बैजलपुर में उनके आगमन को लेकर स्थानीय जनता में काफी उत्साह है, क्योंकि यह इलाका लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की प्रतीक्षा कर रहा था। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और सरकारी मशीनरी को पूरी तरह अलर्ट रखा जाए।
मन की बात और इकोटूरिज्म
इस दौरे का एक भावनात्मक पहलू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का सीधा प्रसारण सुनना है। इसके तुरंत बाद, वे असरगंज स्थित प्रसिद्ध ‘ढोल पहाड़ी’ का दौरा करेंगे।
- ढोल पहाड़ी इकोटूरिज्म परियोजना का शिलान्यास।
- क्षेत्र में पर्यटन के नए अवसरों का सृजन।
- स्थानीय रोजगार में वृद्धि की संभावना।
मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने स्पष्ट किया है कि ढोल पहाड़ी को एक बड़े पर्यटन हब के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। यह परियोजना न केवल क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को निखारेगी, बल्कि आने वाले समय में राज्य के राजस्व और स्थानीय व्यापार के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है।
तारापुर में जन संवाद
शिलान्यास कार्यक्रमों के बाद उप-मुख्यमंत्री तारापुर स्थित सिंचाई भवन अतिथि गृह पहुंचेंगे। यहाँ उनके सम्मान में एक विशेष नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम रखा गया है। यह मंच केवल सम्मान समारोह नहीं होगा, बल्कि इसके माध्यम से मुख्यमंत्री सीधे जनता से रूबरू होंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के साथ उनकी बातचीत से कई जमीनी समस्याओं का त्वरित समाधान निकलने की उम्मीद है।
समीक्षा बैठक का महत्व
दिन के अंतिम सत्र में सम्राट चौधरी जिला स्तरीय प्रशासनिक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक का एजेंडा बेहद स्पष्ट है:
| मुद्दा | प्राथमिकता |
|---|---|
| विकास योजनाओं की प्रगति | उच्च |
| कानून-व्यवस्था | सर्वोच्च |
| जनहित शिकायतें | निपटान |
विकास कार्यों की धीमी रफ्तार या प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने के लिए यह बैठक निर्णायक साबित होगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी लंबित परियोजनाओं का ब्यौरा तैयार रखें।
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए मुंगेर में सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंध किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती और रूट चार्ट की मॉनिटरिंग जिला प्रशासन के नियंत्रण में है। स्थानीय प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को सतर्क रहने और दौरे से जुड़ी सभी तैयारी पूरी करने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि विकास योजनाओं के शिलान्यास के साथ-साथ आम जनता की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना जाए और दौरे का असर जमीन पर स्पष्ट दिखाई दे।








