आर्लिंगटन (टेक्सास),अंग भारत। फीफा विश्व कप 2026 में शुक्रवार का दिन मिस्र के फुटबॉल इतिहास के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। राउंड ऑफ 32 के बेहद रोमांचक मुकाबले में मिस्र ने ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में जीत दर्ज की।निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं, लेकिन पेनल्टी शूटआउट में मिस्र ने शानदार संयम दिखाते हुए जीत अपने नाम कर ली। इस ऐतिहासिक सफलता के साथ टीम ने अंतिम-16 में जगह बना ली है, जहां उसका सामना मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना से होगा।यह जीत सिर्फ अगले दौर में पहुंचने तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिस्र के फुटबॉल इतिहास में एक नया अध्याय भी जोड़ गई। चार बार विश्व कप में हिस्सा लेने के बावजूद टीम इससे पहले कभी नॉकआउट मुकाबला नहीं जीत सकी थी।वहीं इस बार खिलाड़ियों ने भी दबाव के बीच जिस आत्मविश्वास और धैर्य का प्रदर्शन किया, उसने लाखों मिस्रवासियों को जश्न मनाने का मौका दे दिया।
शुरुआती बढ़त के बाद बराबरी पर लौटा ऑस्ट्रेलिया
मुकाबले की शुरुआत से ही मिस्र ने आक्रामक खेल दिखाया।टीम को इसका फायदा 13वें मिनट में मिला, जब इमाम अशूर ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को गोलपोस्ट के भीतर पहुंचा दिया।साथ ही शुरुआती बढ़त मिलने के बाद मिस्र ने खेल पर अच्छी पकड़ बनाए रखी और पहले हाफ में ऑस्ट्रेलिया को ज्यादा मौके नहीं दिए।दूसरे हाफ में ऑस्ट्रेलिया ने वापसी की कोशिशें तेज कर दीं। 55वें मिनट में उसे बराबरी का गोल मिला, लेकिन यह गोल मिस्र के डिफेंडर मोहम्मद हानी के आत्मघाती गोल के कारण आया। गेंद को क्लियर करने की कोशिश में हानी से हुई गलती टीम के लिए महंगी साबित हुई और स्कोर 1-1 हो गया। इसके साथ ही हानी इस विश्व कप में दो आत्मघाती गोल करने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए।
अतिरिक्त समय में नहीं निकला नतीजा
बराबरी के बाद दोनों टीमों ने जीत के लिए लगातार प्रयास किए। मिस्र ने कई तेज हमले किए, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने भी जवाबी आक्रमण के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि दोनों टीमों के गोलकीपर और रक्षापंक्ति ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसके चलते निर्धारित समय के बाद अतिरिक्त समय में भी कोई गोल नहीं हो सका।आखिरकार मुकाबले का फैसला पेनल्टी शूटआउट से करना पड़ा, जहां मानसिक मजबूती और सटीक निशाने की परीक्षा थी।
पेनल्टी शूटआउट में मिस्र ने दिखाया दम
पेनल्टी शूटआउट की शुरुआत से ही मिस्र ने बढ़त बना ली। ऑस्ट्रेलिया के हैरी साउटर अपनी पहली ही पेनल्टी पर गोल नहीं कर सके, जिससे टीम दबाव में आ गई। बाद में 18 वर्षीय लुकास हेरिंगटन की चौथी पेनल्टी भी क्रॉसबार से टकराकर बाहर चली गई।दूसरी ओर मिस्र के खिलाड़ियों ने कोई गलती नहीं की। महमूद साबेर, रामी राबिया और कप्तान मोहम्मद सलाह ने शानदार पेनल्टी लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इसके बाद होसाम अब्देलमगीद ने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलते ही मिस्र की ऐतिहासिक जीत पर मुहर लगा दी। मैदान पर मौजूद खिलाड़ी और समर्थक खुशी से झूम उठे।ऑस्ट्रेलिया की ओर से केवल जैक्सन इरविन और अवेयर माबिल ही अपनी पेनल्टी को गोल में बदलने में सफल रहे।
कप्तान सलाह ने जताई खुशी
जीत के बाद मिस्र के कप्तान मोहम्मद सलाह बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यह उनके करियर के सबसे यादगार पलों में से एक है। उनके अनुसार, टीम ने लंबे समय से इस उपलब्धि का सपना देखा था और आखिरकार उसे साकार कर दिखाया। उन्होंने इस जीत को पूरे मिस्र के लोगों को समर्पित करते हुए कहा कि देशवासियों की खुशी उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।
ऑस्ट्रेलिया का खराब रिकॉर्ड बरकरार
इस हार के साथ विश्व कप के नॉकआउट चरण में ऑस्ट्रेलिया का निराशाजनक रिकॉर्ड भी कायम रहा। टीम को लगातार तीसरी बार नॉकआउट मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले 2006 में इटली और 2022 में अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रेलिया का सफर समाप्त किया था। इस बार भी टीम अच्छी शुरुआत के बावजूद दबाव के क्षणों में खुद को संभाल नहीं सकी।वहीं, मिस्र अब पूरे आत्मविश्वास के साथ अंतिम-16 में उतरेगा, जहां उसकी चुनौती मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना होगी। इतिहास रचने के बाद टीम का मनोबल ऊंचा है और उसके समर्थकों को उम्मीद है कि यह यादगार अभियान अभी और आगे तक जारी रहेगा।











