पूर्णिया,अंगभारत| पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने शनिवार को डगरुआ प्रखंड के चतरा गांव का दौरा कर दुष्कर्म और हत्या की शिकार हुई युवती के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव न्याय दिलाने का ठोस आश्वासन दिया। 11 मार्च की रात को हुई इस जघन्य वारदात में चार दरिंदों ने एक बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाया और फिर उसकी नृशंस हत्या कर दी। घटना के कई दिनों बाद, 20 मार्च को युवती का शव नेशनल हाईवे के किनारे मक्के के खेत से बरामद हुआ था, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पूर्व सांसद ने इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अपराधियों पर स्पीडी ट्रायल चलाने की मांग की है।
परिजनों का पुलिस पर आरोप
दुखद घटना के बाद जब पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा पीड़ित परिवार से मिले, तो परिजनों ने आपबीती सुनाते हुए पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों का साफ कहना है कि:
- घटना के तुरंत बाद शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई।
- यदि समय रहते पुलिस सक्रिय हुई होती, तो अपराधी तुरंत पकड़े जाते।
- लंबे समय तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिवार में असुरक्षा का भाव और गहरा गया है।
अमानवीय घटना पर चिंता
पीड़ित परिवार से मिलने के बाद पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस घटना से हतप्रभ और व्यथित हैं। उन्होंने कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिवेश में इस तरह की दरिंदगी अक्षम्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चतरा की बेटी के साथ जो हुआ, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए एक बड़ा कलंक है।
“ऐसे आपराधिक चरित्र के लोगों की सभ्य समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्हें कानून के दायरे में लाकर कठोरतम सजा दिलानी ही एकमात्र विकल्प है,” पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने कहा।
न्याय के लिए सख्त कदम
न्याय की मांग को लेकर पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने स्थानीय पुलिस के वरीय अधिकारियों से फोन पर सीधी बात की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में पुलिस प्रशासन को अपनी प्राथमिकताएं तय करने को कहा:
- सभी फरार आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
- मामले की सुनवाई के लिए स्पीडी ट्रायल (त्वरित अदालत) प्रक्रिया अपनाई जाए।
- जांच में ढिलाई बरतने वालों की जवाबदेही तय की जाए।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
इस संवेदनशील मौके पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे, जिन्होंने परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की और न्याय की लड़ाई में एकजुट होने का संकल्प लिया। घटनास्थल पर उपस्थित लोगों में प्रमुख रूप से प्रखण्ड प्रमुख रितेश कुमार, दिलीप पटेल, अविनाश कुशवाहा और आशीष कुमार शामिल थे। इन सभी ने एक स्वर में कहा कि बेटी के साथ हुई इस नृशंसता का बदला कानून के माध्यम से लिया जाएगा और समाज में भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं।
जांच का वर्तमान परिदृश्य
11 मार्च की रात से लेकर 20 मार्च को शव मिलने तक, पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हुए हैं। मक्के के खेत से शव बरामद होने के बाद से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इन चार आरोपियों को ट्रैक करना और उन्हें कड़ी सजा दिलवाना है। पूर्व सांसद के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अब जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलने की राह आसान होगी।
सभ्य समाज के तौर पर हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम ऐसी घटनाओं के खिलाफ न केवल आवाज उठाएं, बल्कि पीड़ितों को कानूनी लड़ाई में संबल भी प्रदान करें। पूर्णिया के चतरा गांव की इस बेटी के लिए न्याय की यह लड़ाई अब एक मिसाल बननी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी इस तरह का दुस्साहस न कर सके।








