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जगराहा डैम पर सरकार लाएगी नई योजना, बिजली विभाग में जल्द होगी भर्ती

रांची,अंग भारत। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 17वें दिन चंदवा के जगराहा डैम का मुद्दा सदन में गूंजा, जिससे साफ हो गया है कि अब सरकार छोटे जलस्रोतों के कायाकल्प के लिए एक नई नीति तैयार कर रही है। इसके साथ ही, राज्य की लचर बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ऊर्जा विभाग में लंबे समय से अटकी भर्तियों का रास्ता भी साफ कर दिया गया है। इन दोनों फैसलों से स्थानीय स्तर पर विकास की नई उम्मीदें जगी हैं।

जगराहा डैम की समस्या

जमशेदपुर पूर्व से विधायक सरयू राय ने सदन में जगराहा डैम की दयनीय स्थिति का मुद्दा उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि टोरी रेलवे स्टेशन (चंदवा) के पास मौजूद प्राकृतिक भूगर्भ जल स्रोत इस डैम के लिए जीवन रेखा है। तीन किलोमीटर की दूरी तय कर यह पानी डैम तक पहुँचता है, जो स्थानीय कृषि और मत्स्य पालन के लिए संजीवनी का काम करता है।

सरयू राय ने डैम की बदहाली के मुख्य कारण भी सदन के सामने रखे:

  • डैम के भीतर भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरे का जमाव।
  • जलकुंभी और गाद भरने से डैम की गहराई में निरंतर कमी।
  • जलमार्गों का संकरा हो जाना, जिससे पानी का बहाव बाधित है।
  • सिंचाई क्षमता प्रभावित होना, जिससे किसान परेशान हैं।

सरकार की नई योजना

इस मसले पर जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अब तक की सरकारी नीति के अनुसार, केवल पांच एकड़ या उससे बड़े तालाबों का ही जीर्णोद्धार किया जा सकता था, जबकि जगराहा डैम निजी भूमि पर होने के कारण विभागीय दायरे से बाहर था।

मंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने सदन में घोषणा की कि सरकार अब अपनी नीति में बदलाव करने जा रही है। नई योजना के तहत 2.5 एकड़ तक के छोटे जलस्रोतों और तालाबों का भी सौंदर्याकरण और जीर्णोद्धार किया जाएगा। इस नीति से न केवल जगराहा डैम का कायाकल्प हो सकेगा, बल्कि राज्य के अन्य छोटे तालाबों को भी पुनर्जीवित किया जा सकेगा, जो भूजल स्तर को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बिजली विभाग में भर्ती

सदन में सिर्फ पानी की समस्या ही नहीं, बल्कि बिजली आपूर्ति की बदतर हालत पर भी जमकर बहस हुई। डुमरी के विधायक जयराम महतो ने स्पष्ट किया कि बिजली विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी है, जिसकी वजह से आए दिन राज्य में बिजली कटौती और शिकायतों का अंबार लगा रहता है। तकनीकी स्टाफ के अभाव में ग्रिड और ट्रांसफार्मर की मेंटेनेंस समय पर नहीं हो पाती।

नियुक्ति प्रक्रिया शुरू

विधायक जयराम महतो की चिंता का जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री योगेंद्र महतो ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने सदन को बताया कि विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए नई नियमावली बनकर पूरी तरह तैयार है।

मंत्री योगेंद्र महतो ने भरोसा दिलाया कि “नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। इससे विभाग के पास पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होंगे और राज्य के सुदूर इलाकों में भी बिजली की बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।”

यह भर्ती प्रक्रिया न केवल शिक्षित बेरोजगारों के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगी, बल्कि राज्य के ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) को भी मजबूती प्रदान करेगी। जनता अब उम्मीद कर रही है कि इन घोषणाओं को जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा ताकि जल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार देखा जा सके।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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