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ईरान का तेल अवीव में 100 से अधिक स्थानों पर हमला

तेल अवीव, अंग भारत। ईरान के पूर्व शीर्ष सुरक्षा अधिकारी डॉ. अली लारीजानी की हत्या के बाद मध्य पूर्व का तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस घटना के प्रतिशोध में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने इजराइल की राजधानी तेल अवीव समेत 100 से अधिक सामरिक ठिकानों पर भीषण हमला किया है। यह कार्रवाई इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के 19वें दिन की सबसे बड़ी सैन्य घटना मानी जा रही है। डॉ. लारीजानी की मौत कथित तौर पर अमेरिका और इजराइल के एक संयुक्त सैन्य अभियान में हुई थी, जिसका जवाब अब मिसाइलों की बारिश के रूप में दिया गया है।

हवाई सुरक्षा हुई नाकाम

ईरान के ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, इस हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इजराइल की अत्यधिक उन्नत हवाई रक्षा प्रणालियां भी उन्हें रोक पाने में विफल रहीं। मिसाइल हमलों के कारण तेल अवीव शहर में आंशिक ब्लैकआउट हो गया, जिससे पूरी संचार और बिजली व्यवस्था चरमरा गई। स्थिति इतनी भयावह थी कि इजराइली सेना को बचाव कार्य और प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक बयान में पुष्टि की है कि ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत अब तक 230 से अधिक इजराइलियों की जान जा चुकी है।

मिसाइलों का घातक प्रहार

आईआरजीसी ने बताया कि यह हमला उनके ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ की 61वीं लहर का हिस्सा था। दुश्मन की घेराबंदी करने के लिए ईरान ने अपनी अत्याधुनिक सैन्य तकनीक का इस्तेमाल किया:

  • खुर्रमशहर-4: मल्टी-वॉरहेड क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइल।
  • कद्र मिसाइलें: अचूक निशाने के लिए जानी जाने वाली लंबी दूरी की मिसाइलें।
  • इमाद और खैबर शिकन: ये प्रोजेक्टाइल इजराइल के रडार को चकमा देने में सक्षम पाए गए।

निशाने पर प्रमुख शहर

ईरान ने केवल तेल अवीव को ही नहीं, बल्कि इजराइल के रणनीतिक महत्व वाले अन्य शहरों को भी पूरी तरह से दहला दिया है। आईआरजीसी के अनुसार, इन हमलों में निम्नलिखित स्थानों को सीधे निशाना बनाया गया:

  • पवित्र शहर अल-कुद्स
  • रणनीतिक बंदरगाह हाइफ़ा
  • बीर शेवा
  • नेगेव रेगिस्तान स्थित सैन्य ठिकाने

इसके साथ ही, ईरान ने कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सैन्य चौकियों पर भी आक्रामक रुख अपनाते हुए हमले किए हैं।

आम नागरिकों पर असर

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ‘मैगन डेविड एडोम’ (एमडीए) ने मध्य इजराइल में दो मौतों की पुष्टि की है। रामत गान शहर में मिसाइल हमले के बाद एक महिला समेत दो लोगों के शव बरामद किए गए। वहीं, तेल अवीव के उत्तर में स्थित बेनी ब्राक शहर में मिसाइल के टुकड़े गिरने से कई लोग घायल हुए। इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि होम फ्रंट कमांड की टीमें सक्रिय हैं और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी गई थी, हालांकि अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

सैन्य अभियानों की हकीकत

युद्ध के इस मोर्चे पर केवल ईरान ही नहीं, बल्कि इजराइल और अमेरिका भी अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। आईडीएफ ने लेबनान में हिजबुल्लाह के रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन ‘रोअरिग लायन’ शुरू किया है। वहीं, दूसरी ओर ‘डिपार्टमेंट ऑफ वॉर’ ने दावा किया है कि ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के माध्यम से ईरान की सैन्य शक्ति को भारी क्षति पहुंचाई गई है।

अमेरिकी नौसेना के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने एक वीडियो संबोधन में स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य ईरान के ड्रोन, मिसाइल और नौसैनिक खतरों को जड़ से खत्म करना है। उन्होंने बताया कि अब तक अमेरिकी वायु सेना और मरीन कोर के विमानों द्वारा 6,000 से अधिक लड़ाकू उड़ानें भरी जा चुकी हैं। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित ईरान के मिसाइल ठिकानों को अपना मुख्य निशाना बनाया है, जो इस पूरे क्षेत्रीय संघर्ष को एक बड़े विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर रहा है।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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