चतरा,अंग भारत। झारखंड के चतरा जिले के वशिष्ठ नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत केरलिबार पंचायत में आने वाले निमियाटांड़ स्थित एक ईंट भट्ठे में काम करने वाले 30 वर्षीय मजदूर विनोद गंझू का शव शुक्रवार को संदिग्ध हालत में बरामद किया गया है। मदनपुर गांव का रहने वाला विनोद गुरुवार को काम के सिलसिले में घर से निकला था और रात में वहीं रुक गया था, जिसके बाद सुबह उसकी लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर ईंट भट्ठा उद्योगों में मजदूरों की सुरक्षा और कार्यस्थलों पर कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय वशिष्ठ नगर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत के असली कारणों का पता लगाने में जुट गई है।
क्या है पूरा मामला?
मृतक विनोद गंझू के परिवार में इस घटना के बाद से मातम पसरा हुआ है। विनोद गुरुवार की सुबह निमियाटांड़ स्थित ईंट भट्ठे पर दैनिक मजदूरी करने के लिए गया था। काम खत्म होने के बाद वह शाम को घर वापस नहीं लौटा। बताया जा रहा है कि भट्ठा चालू होने की प्रक्रिया के दौरान वहां रात में सभी कामगारों के लिए खाने-पीने का इंतजाम किया गया था। इस रात्रि भोज में विनोद भी शामिल था। वहां मौजूद अन्य मजदूरों ने इस बात की पुष्टि की है कि देर रात तक विनोद को सबके साथ देखा गया था। लेकिन, सुबह अचानक उसका बेजान शरीर भट्ठा परिसर में मिलने से हड़कंप मच गया।
परिजनों का दावा
विनोद गंझू की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजन रोते-बिलखते निमियाटांड़ भट्ठे पर पहुंचे। परिजनों का कहना है कि विनोद की किसी से कोई निजी दुश्मनी या विवाद नहीं था। वह केवल अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए हाड़-तोड़ मेहनत करता था। अचानक रातभर में ऐसा क्या हो गया कि उसकी जान चली गई, यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है। परिवार के लोगों ने आशंका जताई है कि इस मौत के पीछे कोई गहरी साजिश हो सकती है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
पुलिस की शुरुआती जांच
घटना की जानकारी मिलते ही वशिष्ठ नगर थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और वहां काम करने वाले दूसरे मजदूरों से पूछताछ की। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस हर संभावित कोण से मामले की तफ्तीश कर रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह सामने आ पाएगी कि यह कोई हादसा है, प्राकृतिक मौत है या फिर इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है।
भट्ठा मजदूरों की सुरक्षा
चतरा और इसके आसपास के इलाकों में संचालित होने वाले ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर हमेशा से ढुलमुल रवैया रहा है। इन भट्ठों पर काम करने वाले अधिकांश श्रमिक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं।
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी: अधिकांश स्थानीय ईंट भट्ठों पर आपातकालीन चिकित्सा या प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था नहीं होती है।
- काम के लंबे घंटे: मजदूरों को अक्सर देर रात तक भट्ठे की चिमनियों और आग के पास काम करना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
- सामाजिक सुरक्षा की कमी: असंगठित क्षेत्र के इन कामगारों का कोई बीमा या आधिकारिक पंजीकरण नहीं होता, जिससे हादसे के बाद उनके परिवारों को मदद मिलना मुश्किल हो जाता है।
क्या कहते हैं नियम?
श्रम कानूनों के अनुसार, किसी भी औद्योगिक इकाई या ईंट भट्ठे पर काम करने वाले प्रत्येक मजदूर का रिकॉर्ड रखना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना संचालक की जिम्मेदारी होती है। वर्कमैन कंपनसेशन एक्ट (कर्मचारी मुआवजा अधिनियम) के तहत, यदि कार्यस्थल पर काम के दौरान किसी मजदूर के साथ कोई अनहोनी होती है या उसकी मृत्यु होती है, तो भट्ठा संचालक को पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देना पड़ता है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि नियमों को ताक पर रखकर इन भट्ठों का संचालन किया जाता है, जिससे मजदूरों की जान हमेशा जोखिम में रहती है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
वशिष्ठ नगर थाना पुलिस अब इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि रिपोर्ट में किसी भी प्रकार का संदेहास्पद तथ्य जैसे शरीर पर चोट के निशान, दम घुटना या जहर के अंश मिलते हैं, तो पुलिस तुरंत हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। फिलहाल, पुलिस भट्ठा संचालक और वहां मौजूद सुपरवाइजर से भी पूछताछ करने की योजना बना रही है ताकि उस रात की पूरी कड़ियों को जोड़ा जा सके और सच सामने लाया जा सके।








