गुवाहाटी,अंग भारत। गुवाहाटी के फुटपाथी कारोबार को व्यवस्थित करने और इसमें राज्य के मूल निवासियों (खिलंजिया) को प्राथमिकता देने के असम सरकार के हालिया फैसले से शहर की व्यावसायिक तस्वीर बदलने की उम्मीद है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस निर्णय का पुरजोर समर्थन करते हुए इसे स्थानीय लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण और शहरी नियोजन की दिशा में एक साहसी कदम करार दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर की फुटपाथ अर्थव्यवस्था को न केवल नियमबद्ध करना है, बल्कि बाहरी लोगों के अनियंत्रित हस्तक्षेप को सीमित कर स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका के सुरक्षित अवसर सुनिश्चित करना भी है।
स्थानीय लोगों को प्राथमिकता
भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता ब्रजेन महंत ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा का यह विजन असम के मूल निवासियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का यह रुख स्पष्ट है कि गुवाहाटी की फुटपाथों पर व्यापार करने का पहला हक उन लोगों का है जो इस मिट्टी से जुड़े हैं। वर्षों से चल रही अनियंत्रित व्यापारिक गतिविधियों के कारण स्थानीय कारोबारियों को जो नुकसान हो रहा था, उसे रोकने के लिए यह ‘पुनर्व्यवस्था’ बेहद जरूरी हो गई थी।
अगस्त-सितंबर में सर्वेक्षण
सरकार की योजना के अनुसार, आगामी अगस्त और सितंबर महीनों में पूरे शहर में एक गहन सर्वे किया जाएगा। इस सर्वे की कार्यप्रणाली काफी पारदर्शी होगी:
- सभी फुटपाथी दुकानों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
- दुकानदारों के वैध दस्तावेजों और आधार की जांच की जाएगी।
- बाहरी और गैर-स्थानीय व्यापारियों की पहचान की जाएगी।
- अनियमित कब्जों को चिन्हित कर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
शहरी समस्याओं का समाधान
गुवाहाटी की सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक जाम का एक बड़ा कारण फुटपाथों का अनियोजित अतिक्रमण है। बेतरतीब ढंग से लगी दुकानों के कारण पैदल चलने वालों के लिए जगह नहीं बचती। ब्रजेन महंत ने बताया कि इस सर्वे के जरिए केवल व्यापार को व्यवस्थित ही नहीं किया जाएगा, बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे को भी सुधारा जाएगा। नालियों में कचरा फेंकने और सार्वजनिक स्थानों के गलत इस्तेमाल जैसी समस्याओं पर भी इस योजना के माध्यम से लगाम लगाने की पूरी कोशिश की जाएगी।
फ्लाईओवर नीचे विस्थापन
सरकार ने फुटपाथी कारोबारियों के लिए एक नया ‘बिजनेस मॉडल’ तैयार किया है। इसके तहत शहर के नव-निर्मित फ्लाईओवरों के नीचे खाली जगहों का उपयोग व्यापारिक केंद्र के रूप में किया जाएगा। यह कदम क्यों जरूरी है:
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| ट्रैफिक में सुधार | सड़कों पर भीड़ कम होगी। |
| व्यवस्थित व्यापार | विक्रेताओं को एक स्थायी स्थान मिलेगा। |
| स्थानीय प्राथमिकता | खिलंजिया लोगों को सरकारी संरक्षण मिलेगा। |
आधार सत्यापन और सुरक्षा
फुटपाथी कारोबार के अलावा, राज्य मंत्रिमंडल ने 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के आधार कार्ड नामांकन को लेकर भी सख्त नियम लागू किए हैं। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखने की एक रणनीति है। भाजपा का मानना है कि राज्य की सुरक्षा और स्थानीय पहचान को बचाए रखने के लिए यह कड़ा सत्यापन अनिवार्य है। इससे संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगेगी और सरकारी सुविधाओं का लाभ केवल पात्र स्थानीय नागरिकों तक ही पहुंचेगा।
असम सरकार का यह फैसला शहर के छोटे दुकानदारों को मुख्यधारा में लाने का एक प्रयास है। आने वाले महीनों में होने वाला सर्वेक्षण यह तय करेगा कि गुवाहाटी की सड़कें कितनी सुरक्षित और व्यवस्थित होती हैं। विपक्ष के आरोपों से इतर, भाजपा नेताओं का साफ कहना है कि उनका उद्देश्य किसी की रोजी-रोटी छीनना नहीं है, बल्कि एक ऐसा तंत्र विकसित करना है जहाँ ‘असमिया’ गौरव और आर्थिक स्वावलंबन का मेल हो सके। शहरवासी अब अगस्त के सर्वे का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें एक साफ-सुथरा और व्यवस्थित बाजार मिल सके।








