रांची,अंग भारत| झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक के साथ ही राज्य भर में मौसम ने करवट ले ली है। मौसम विभाग ने अगले 19 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी रांची सहित कई जिलों में मानसून की सक्रियता बढ़ गई है, जिससे लंबे समय से भीषण गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिली है। पिछले 24 घंटों के दौरान रांची के कांके इलाके में 86.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो मानसून की मजबूत स्थिति को दर्शाती है।
मानसून और अलर्ट
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, झारखंड में मानसून अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। 19 जून तक राज्य के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। विभाग ने स्पष्ट तौर पर चेतावनी दी है कि इस दौरान वज्रपात की घटनाएं बढ़ सकती हैं। आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को खेत या खुले मैदानों में जाने से बचने के लिए कहा गया है।
सुरक्षा के उपाय
- खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों के नीचे आश्रय न लें।
- बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर या धातु की बाड़ के पास न जाएं।
- घर के अंदर रहें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल से बचें।
- खेतों में काम करने वाले किसान बारिश के दौरान पक्के मकानों में शरण लें।
तापमान की स्थिति
मानसून के आने से तापमान में गिरावट तो आई है, लेकिन नमी की अधिकता के कारण उमस भरी गर्मी अब भी परेशानी का सबब बनी हुई है। जिन इलाकों में बारिश नहीं हुई है, वहां लोग अब भी चिपचिपी गर्मी से जूझ रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें, तो राज्य के विभिन्न शहरों का तापमान काफी भिन्न रहा है।
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
|---|---|---|
| रांची | 34.0 | 21.4 |
| जमशेदपुर | 37.8 | 27.4 |
| डाल्टनगंज | 40.4 | 25.7 |
| बोकारो | 38.1 | 26.1 |
| चाईबासा | 38.0 | 23.6 |
डाल्टनगंज का हाल
राज्य के शुष्क इलाकों में डाल्टनगंज का तापमान सबसे अधिक 40.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जबकि लातेहार में पारा 20.9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। यह अंतर साफ करता है कि मानसून अभी राज्य के कुछ हिस्सों में पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है। हालांकि, बादलों की आवाजाही से अगले दो-तीन दिनों में स्थिति में सुधार की पूरी संभावना है।
खेती पर असर
मानसून की इस सक्रियता ने झारखंड के किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसान अब खरीफ फसलों की बुआई की तैयारी में जुट गए हैं। समय पर होने वाली यह बारिश न केवल खेतों की सिंचाई के लिए फायदेमंद है, बल्कि इससे जलस्रोतों का स्तर भी बेहतर होगा। राज्य में धान की खेती मानसून की बारिश पर ही मुख्य रूप से निर्भर करती है, ऐसे में यह समय काफी अनुकूल माना जा रहा है।
आमजन को राहत
राजधानी रांची के लोग पिछले कुछ हफ़्तों से भीषण लू और गर्मी का सामना कर रहे थे। सोमवार को हुई हल्की बारिश ने वातावरण को ठंडा कर दिया है। शाम के समय बादलों की मौजूदगी और ठंडी हवाओं ने लोगों को सुकून दिया है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश का दायरा बढ़ेगा, जिससे पारा और नीचे जाएगा। सलाह यही है कि जब भी मौसम विभाग की ओर से चेतावनी जारी हो, तो उसे गंभीरता से लें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें।








