मथुरा,अंग भारत । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का तीन दिवसीय मथुरा दौरा ब्रजभूमि के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बन गया, जब उन्होंने गुरुवार को कृष्णनगरी वृंदावन के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों इस्कॉन मंदिर और प्रेम मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। अपने इस प्रवास के दौरान राष्ट्रपति ने न केवल मंदिरों के दर्शन किए, बल्कि वहां की सांस्कृतिक भव्यता और भक्तिमय वातावरण के साथ आत्मीय जुड़ाव भी महसूस किया। उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं, जिससे यह कार्यक्रम और अधिक गरिमामयी हो गया।
राष्ट्रपति का भव्य स्वागत
गुरुवार की दोपहर जैसे ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का हेलीकॉप्टर कैंट स्थित सेना के हेलीपैड पर उतरा, स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। उनका स्वागत करने वालों में प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, प्रभारी मंत्री संदीप सिंह, सांसद तेजवीर सिंह, महापौर विनोद अग्रवाल, लेफ्टिनेंट जनरल वी. हरिहरन, अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ, मंडलायुक्त आगरा नगेन्द्र प्रताप, ग्रुप कैप्टन शिवम मनचंदा और जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह शामिल थे। इन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने राष्ट्रपति के आगमन की औपचारिकताओं को एक गरिमामयी स्वरूप प्रदान किया।
इस्कॉन मंदिर की भक्ति
वृंदावन आगमन के तुरंत बाद, राष्ट्रपति का काफिला इस्कॉन मंदिर पहुंचा। यह दौरा मंदिर के लिए विशेष था क्योंकि यह इस्कॉन के 50वें स्वर्ण जयंती वर्ष का समय है। मंदिर के प्रेसिडेंट पंचगौड़ा दास ने राष्ट्रपति का स्वागत किया और उन्हें राधा-श्यामसुंदर के विग्रहों के दर्शन कराए।
- राष्ट्रपति ने पूरे विधि-विधान से पूजन और आरती की।
- मंदिर की अद्भुत साज-सज्जा और वहां के आध्यात्मिक वातावरण से वे काफी प्रभावित दिखीं।
- पूजा के बाद, राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर में मौजूद बच्चों के साथ अनौपचारिक बातचीत की और उन्हें स्नेह स्वरूप चॉकलेट भेंट की।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, राष्ट्रपति ने अपनी इच्छा जाहिर की कि वे भविष्य में पुनः इस पावन स्थान पर दर्शन के लिए आना चाहेंगी।
प्रेम मंदिर का अनुभव
इस्कॉन के बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का काफिला प्रेम मंदिर की ओर बढ़ा। वहां अजय बाबा और अन्य पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रेम मंदिर का वास्तुकला सौंदर्य और वहां का वातावरण किसी को भी मंत्रमुग्ध करने के लिए पर्याप्त है, और राष्ट्रपति भी इससे अछूती नहीं रहीं।
लेजर शो और परिक्रमा
मंदिर प्रबंधन द्वारा राष्ट्रपति के लिए विशेष ‘वाटर लेजर शो’ का आयोजन किया गया था, जिसका उन्होंने अपने परिवार के साथ आनंद लिया। गर्भगृह में पहुँचकर उन्होंने श्री राधा-कृष्ण के युगल स्वरूप की आरती उतारी। इस समय 51 आश्रमवासियों द्वारा किया गया संकीर्तन गायन इतना प्रभावशाली था कि पूरा परिसर कृष्णमय हो गया। इसके अलावा, उन्होंने प्रथम तल पर श्री सीता-राम जी के दर्शन भी किए और मंदिर की परिक्रमा पूरी की। मंदिर प्रबंधन ने उन्हें प्रसाद, तुलसी की माला और धार्मिक साहित्य भेंट कर सम्मानित किया।
सुरक्षा के सख्त इंतजाम
राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए मथुरा और वृंदावन में पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया था। इस संपूर्ण सुरक्षा अभियान की कमान स्वयं अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार ने संभाल रखी थी। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती थी, ताकि राष्ट्रपति का दौरा बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
धार्मिक पर्यटन का संदेश
राष्ट्रपति का यह दौरा ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को वैश्विक स्तर पर रेखांकित करता है। जब देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद संभालने वाली हस्ती इस तरह से मंदिरों में जाकर जनसामान्य के बीच समय बिताती है, तो इससे न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का एक सकारात्मक संदेश भी देश के अन्य हिस्सों में जाता है। वृंदावन के इन प्रमुख मंदिरों में उनका आना, इन तीर्थस्थलों की महिमा को और अधिक गौरव प्रदान कर गया।








