नई दिल्ली,अंग भारत। दिल्ली विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के शीघ्र क्रियान्वयन के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम देश की महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिसे हर हाल में लागू किया जाना चाहिए।
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महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने सदन में चर्चा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि यह सदन महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व का स्वागत करता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार इस अधिनियम के शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
विपक्ष पर साधा निशाना
सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में विपक्षी दलों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान विधायकों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया।मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रयासों को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता के स्वार्थ में डूबे विपक्ष ने बार-बार महिलाओं के अधिकारों को रोकने की कोशिश की है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रधानमंत्री की पहल को बताया ऐतिहासिक
रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की बहनों और बेटियों को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाकर एक ऐतिहासिक पहल की है। यह कदम भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा देगा।उन्होंने कहा कि जो लोग महिलाओं के अधिकारों का विरोध कर रहे हैं, जनता उन्हें आने वाले समय में जवाब देगी।
सरकार का स्पष्ट संकल्प
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि दिल्ली सरकार 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को लागू कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि देश की नारी शक्ति को उनका उचित अधिकार मिले और वे राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएं।इस मुद्दे को लेकर विधानसभा में सियासी माहौल गर्म रहा और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिली।









