मां कामाख्या के दरबार में नतमस्तक हुए असम के मुख्यमंत्री
गुवाहाटी,अंग भारत। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार को प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर पहुंचकर मां कामाख्या के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने राज्य में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना भी की।
Read more………….हिमंत बिस्व सरमा ने फिर संभाला असम का CM पद
नीलाचल पहाड़ी स्थित मंदिर में किया दर्शन
गुवाहाटी की नीलाचल पहाड़ी पर स्थित कामाख्या धाम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा का मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी मुख्यमंत्री का अभिवादन किया।मुख्यमंत्री ने मंदिर में पहुंचकर मां कामाख्या की पूजा की और प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे।
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार पहुंचे कामाख्या धाम
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद हिमंत बिस्व सरमा पहली बार कामाख्या मंदिर पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने मंदिर के धार्मिक महत्व और आस्था से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की।कामाख्या धाम को देश के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है। यहां हर वर्ष देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। विशेष अवसरों और धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर परिसर में भारी भीड़ देखने को मिलती है।
शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध है कामाख्या मंदिर
कामाख्या मंदिर हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यह मंदिर शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र माना जाता है। नीलाचल पहाड़ी पर स्थित यह प्राचीन मंदिर न सिर्फ असम बल्कि पूरे देश की धार्मिक आस्था का केंद्र है।मंदिर में हर साल आयोजित होने वाले अंबुबाची मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी कामाख्या धाम का महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
मुख्यमंत्री के मंदिर पहुंचने के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर में लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उनके साथ तस्वीरें लेने की भी कोशिश की। मंदिर प्रबंधन समिति ने मुख्यमंत्री को पारंपरिक सम्मान भी प्रदान किया।राज्य सरकार की ओर से भी धार्मिक स्थलों के विकास और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कामाख्या मंदिर को पर्यटन और आध्यात्मिक दृष्टि से और अधिक विकसित करने की दिशा में कई योजनाओं पर काम चल रहा है।










