सुपौल,अंग भारत| बिहार के सुपौल जिला मुख्यालय में स्थित ऐतिहासिक गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) के रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र (RTC) द्वारा एक भव्य जैज बैंड प्रदर्शन का आयोजन किया गया। यह देशभक्ति कार्यक्रम सशस्त्र सीमा बल के रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र के उप महानिरीक्षक (DIG) श्री विजय सिंह के नेतृत्व और कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों में राष्ट्रीयता की भावना जगाना और सीमा सुरक्षा बल एवं आम जनता के बीच आपसी संबंधों को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) मनोहर कुमार साहू और वरीय उप समाहर्ता पुष्पा कुमारी सहित जिले के कई आला प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में आम लोग उपस्थित रहे।
सशस्त्र सीमा बल (SSB) भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा का जिम्मा संभालती है। सुपौल जिला सीधे तौर पर इस अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा हुआ है, जिससे इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों की सक्रियता काफी अधिक रहती है। रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र (RTC) सुपौल नए जवानों को देश सेवा के लिए तैयार करने का काम करता है। इस केंद्र के बैंड कलाकारों ने गांधी मैदान में अपनी कला का प्रदर्शन कर आम लोगों का दिल जीत लिया। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय युवाओं को सेना और सुरक्षा बलों में शामिल होकर देश की रक्षा करने की प्रेरणा मिलती है।
देशभक्ति की धुनें
गांधी मैदान में एकत्रित जनसमूह के सामने एसएसबी के जैज बैंड ने एक के बाद एक कई शानदार प्रस्तुतियां दीं। बैंड के कलाकारों ने जब अपनी धुनों पर राष्ट्रीय गीतों की धुन बजानी शुरू की, तो पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। संगीतकारों ने ड्रम, सैक्सोफोन और ट्रंपेट जैसे वाद्य यंत्रों के तालमेल से हवा में देशभक्ति का ऐसा रंग घोला कि वहां मौजूद हर नागरिक भावुक हो गया।
“देशभक्ति का संगीत केवल कानों को नहीं छूता, बल्कि यह हर नागरिक के दिल में राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को जगाता है।”
इस संगीत कार्यक्रम ने दर्शकों को बांधे रखा। राष्ट्रीय एकता के सुरों ने वहां मौजूद बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। देशभक्ति की इन धुनों ने पूरे क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया।
स्थानीय प्रतिभा का मंच
इस कार्यक्रम की एक और बड़ी विशेषता स्थानीय स्कूलों के बच्चों की भागीदारी रही। उत्क्रमित हाई स्कूल डभारी, सुपौल की छात्रा लक्ष्मी कुमारी ने मंच पर आकर अपनी सुरीली आवाज में देशभक्ति गीत गाया। लक्ष्मी कुमारी की इस सुंदर और भावपूर्ण प्रस्तुति ने वहां मौजूद अधिकारियों और आम जनता को प्रभावित किया। सीमा सुरक्षा बल के मंच पर एक स्थानीय छात्रा को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलना महिला सशक्तिकरण और स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। दर्शकों ने खड़े होकर लक्ष्मी कुमारी का तालियों के साथ स्वागत किया और उनका हौसला बढ़ाया।
प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति
समारोह के दौरान सुरक्षा बलों और नागरिक प्रशासन के बीच का बेहतर समन्वय देखने को मिला। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम में शामिल होकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों और अतिथियों का विवरण नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:
| अतिथि का नाम | पदनाम / विभाग |
|---|---|
| श्री विजय सिंह | उप महानिरीक्षक (DIG), SSB RTC सुपौल |
| मनोहर कुमार साहू | अनुमंडल पदाधिकारी (SDM), सुपौल |
| पुषा कुमारी | वरीय उप समाहर्ता, सुपौल |
| एसएसबी अधिकारी | उप कमांडेंट, सशस्त्र सीमा बल |
| जिला अधिकारी | जिला जनसंपर्क पदाधिकारी एवं जिला कला व संस्कृति पदाधिकारी |
इन अधिकारियों के अलावा सुपौल के विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने इस उत्सव का आनंद लिया। सुरक्षा बल के अधिकारियों ने उपस्थित लोगों से संवाद किया और स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रीय एकता का संदेश
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इस तरह के सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन समाज को जोड़ने का काम करता है। गांधी मैदान में जुटे लोगों ने न केवल संगीत का आनंद लिया बल्कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प भी लिया। एसएसबी के इस प्रयास ने स्थानीय लोगों, विशेषकर युवाओं के मन में सेना और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान को दोगुना कर दिया है।
एसएसबी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- देशभक्ति की भावना: युवाओं में राष्ट्र सेवा और देशप्रेम की भावना का विकास होता है।
- विश्वास बहाली: सुरक्षा बलों और आम नागरिकों के बीच आपसी सहयोग और विश्वास मजबूत होता है।
- प्रतिभा सम्मान: स्थानीय छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।
- सद्भावना का माहौल: राष्ट्रीय त्योहारों पर समाज के सभी वर्गों में आपसी समरसता बढ़ती है।
गांधी मैदान का यह ऐतिहासिक आयोजन सुपौल के निवासियों के लिए एक स्मरणीय क्षण बन गया है, जो उन्हें लंबे समय तक राष्ट्रभक्ति के सूत्रों से बांधे रखेगा।







