बांका,अंग भारत। रजौन अंचल कार्यालय में करीब तीन महीने से ठप पड़े कामकाज में अब तेजी आने की उम्मीद बढ़ गई है। बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से चल रही राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त होने के बाद सोमवार को रजौन प्रखंड के सभी राजस्व कर्मियों ने कार्यालय पहुंचकर अपना योगदान दे दिया।राजस्व कर्मियों की वापसी के साथ ही अंचल कार्यालय में फिर से रौनक लौट आई है। लंबे समय से लंबित पड़े दाखिल-खारिज, परिमार्जन, लगान रसीद और विभिन्न प्रमाण पत्रों के मामलों के निपटारे की प्रक्रिया अब तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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17 सूत्री मांगों को लेकर चल रही थी हड़ताल
जानकारी के अनुसार बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर 11 फरवरी 2026 से राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। इस हड़ताल का असर पूरे बिहार के अंचल कार्यालयों में देखने को मिला था।विभागीय सचिव जय सिंह की अध्यक्षता में 7 मई को हुई उच्चस्तरीय बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी। विभाग की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद संघ ने सामूहिक अवकाश समाप्त करने की घोषणा की।
सभी छह राजस्व कर्मियों ने दिया योगदान
समझौते के बाद सोमवार को रजौन अंचल कार्यालय में सभी छह राजस्व कर्मियों ने योगदान दिया। इनमें सुशील कुमार, पंडित शशिनाथ प्रजापति, लाला कुमार, गुड्डू कुमार राम, बबीता कुमारी और आशुतोष कुमार शामिल हैं।उल्लेखनीय है कि रजौन की अंचलाधिकारी कुमारी सुषमा ने 4 मई को ही अपना पदभार ग्रहण कर लिया था। अब राजस्व कर्मियों के लौटने से कार्यालय का नियमित कामकाज पूरी तरह पटरी पर लौटता नजर आ रहा है।
हजारों आवेदन पड़े थे लंबित
करीब तीन महीने तक चली हड़ताल के कारण अंचल कार्यालय में हजारों आवेदन लंबित हो गए थे। सबसे अधिक परेशानी दाखिल-खारिज, परिमार्जन, लगान रसीद और छात्रों के लिए जरूरी जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र को लेकर हो रही थी।छात्रों और आम लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए लगातार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। कई जरूरी सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक प्रक्रियाओं पर भी इसका असर पड़ा था।
समझौते में कर्मचारियों को मिली राहत
विभाग और कर्मचारी संघ के बीच हुए समझौते में कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी है। हड़ताल के दौरान किए गए निलंबन वापस लिए जाएंगे और 15 दिनों के भीतर वेतन भुगतान किया जाएगा।इसके अलावा राजस्व कर्मियों को प्रतिमाह 1000 रुपये परिभ्रमण भत्ता और 400 रुपये इंटरनेट व्यय देने पर भी सहमति बनी है। साथ ही कर्मियों का पदनाम बदलकर “सहायक राजस्व अधिकारी” करने का प्रस्ताव भी विभागीय प्रक्रिया में शामिल है।
लोगों को मिली बड़ी राहत
राजस्व कर्मियों की वापसी के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि लंबित मामलों का निपटारा जल्द किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार अब कार्यालय में लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा ताकि आम लोगों को जल्द राहत मिल सके।










