चेन्नई, अंग भारत। तमिलनाडु में कल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा का अभूतपूर्व घेरा तैयार कर लिया गया है। राज्य के इतिहास में यह एक बड़ा लोकतांत्रिक आयोजन है, जिसमें लगभग 5.73 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र की अगली सरकार चुनेंगे। चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी, भयमुक्त और निष्पक्ष बनाने के लिए राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद कर दिया है। 4,618 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करने के लिए कल सुबह से ही राज्य के कोने-कोने में हलचल तेज हो जाएगी।
सुरक्षा का अभूतपूर्व इंतजाम
तमिलनाडु में कल होने वाले मतदान को लेकर राज्य प्रशासन ने सुरक्षा बलों का ऐसा चक्रव्यूह रचा है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पूरे राज्य में सुरक्षा की बागडोर कुल 1.47 लाख सुरक्षाकर्मियों के हाथों में होगी। यह संख्या राज्य में चुनाव के प्रति गंभीरता को दर्शाती है।
- केंद्रीय और राज्य पुलिस बल: सुरक्षा व्यवस्था में लगभग 94,598 नियमित पुलिसकर्मी शामिल हैं।
- अर्धसैनिक बलों की सक्रियता: केंद्रीय सुरक्षा बलों की 295 कंपनियों से लगभग 23,000 जवान पहले ही अपनी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
- विशेष दस्तों की तैनाती: 12,150 विशेष कमांडो और अतिरिक्त बल के जवान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
- अधिकारियों का सहयोग: सुरक्षा ढांचे में 26,203 अधिकारी स्तर के कर्मी भी शामिल हैं जो पूरे दिन मॉनिटरिंग करेंगे।
संवेदनशील केंद्रों पर नजर
राज्य में कुल 75,032 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। हालांकि, इनमें से 3,022 स्थानों पर स्थित 5,938 मतदान केंद्रों को ‘संवेदनशील’ की श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों पर न केवल अधिक सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों की कड़ी निगरानी भी रहेगी। यहाँ मतदान प्रक्रिया के दौरान वीडियोग्राफी और माइक्रो-ऑब्जर्वर की भी व्यवस्था की गई है ताकि शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हो सके।
त्वरित कार्रवाई की तैयारी
सुरक्षा केवल मतदान केंद्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में सड़कों पर भी कड़ी चौकसी बरती जा रही है। किसी भी आपात स्थिति के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित इंतजाम किए हैं:
- गश्ती दल: 514 वाहनों में सवार विशेष बल के जवान पूरे राज्य में लगातार गश्त करते रहेंगे।
- क्विक रिस्पांस टीमें: वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में 1,100 वाहनों में त्वरित प्रतिक्रिया दल (Quick Response Teams) तैनात रहेंगे।
- हवाई और जमीनी निगरानी: संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और अन्य संचार माध्यमों से भी नजर रखी जा रही है।
मतदाताओं के लिए अपील
चुनाव आयोग ने मतदाताओं से आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रलोभन या दबाव में आए बिना मतदान करें। राज्य के 5.73 करोड़ मतदाता, जो इस चुनाव में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं, उन्हें अपने पास अनिवार्य रूप से मतदाता पहचान पत्र या आयोग द्वारा स्वीकृत वैकल्पिक दस्तावेज रखने चाहिए।
राज्य के 38 जिलों और सात महानगरीय क्षेत्रों (अवडी और तांबरम पुलिस कमिश्नरेट को छोड़कर) में पूरी तरह से सुरक्षा का खाका तैयार है। मंगलवार शाम 6 बजे समाप्त हुए प्रचार अभियान के बाद, अब चुनावी शोर तो थम गया है, लेकिन प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के समर्थकों की धड़कनें बढ़ गई हैं। अब बारी राज्य की जनता की है, जो अपनी उंगली पर स्याही का निशान लगवाकर राज्य के अगले पांच वर्षों का भविष्य तय करेंगे। मतदान सुबह से शुरू होकर शाम तक चलेगा, जिसके बाद सभी ईवीएम मशीनों को सीलबंद कर कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में ले जाया जाएगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तमिलनाडु का यह चुनावी उत्सव बिना किसी विघ्न के संपन्न हो सके।








