नई दिल्ली,अंग भारत| अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की नारी शक्ति को बधाई दी है और राष्ट्र निर्माण में उनके अद्वितीय योगदान की सराहना की है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर अपने संदेश में स्पष्ट किया कि पिछले एक दशक में केंद्र सरकार की सभी प्रमुख योजनाओं और पहलों के मूल में महिला सशक्तिकरण ही रहा है। सरकार हर महिला को समान अवसर देने और उनकी असीम क्षमताओं को उजागर करने के लिए लगातार धरातल पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। देश की महिलाओं की सफलताएं आज पूरे भारत को गौरवान्वित कर रही हैं और ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति बनकर उभरी हैं।
मोदी का खास संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में देश की प्रगति में महिलाओं के दृढ़ संकल्प और उनकी अटूट इच्छाशक्ति की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज जीवन का कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा न मनवाया हो। खेल के मैदान से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान तक, और रक्षा सीमाओं से लेकर नए स्टार्टअप्स तक, भारतीय महिलाएं अपनी रचनात्मकता और अद्वितीय उत्साह के साथ देश के भविष्य को नया आकार दे रही हैं। पीएम मोदी ने पिछले 10 वर्षों में महिलाओं के जीवन में आए बड़े सामाजिक और आर्थिक बदलावों का एक विवरण भी साझा किया, जो दिखाता है कि किस तरह नीतियों ने ज़मीनी स्तर पर बदलाव लाया है।
बदलाव के दस साल
बीते एक दशक में देश ने ‘महिला विकास’ से आगे बढ़कर ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ की तरफ कदम बढ़ाया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, जब तक देश की आधी आबादी आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं होगी, तब तक एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र की कल्पना अधूरी है। केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों ने महिलाओं की दैनिक समस्याओं को दूर करने के साथ-साथ उनके भीतर आत्मविश्वास को भी जगाया है। इस यात्रा ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को आगे बढ़ने और अपने सपने पूरे करने का एक नया हौसला दिया है।
महिला केंद्रित योजनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने जिस सशक्तिकरण यात्रा का जिक्र किया, उसके पीछे कई बड़ी जमीनी योजनाएं काम कर रही हैं। इन सरकारी योजनाओं ने महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने में बड़ी भूमिका निभाई है:
- आर्थिक आत्मनिर्भरता: मुद्रा योजना के तहत मिलने वाले बिजनेस लोन का एक बहुत बड़ा हिस्सा महिला उद्यमियों को मिला है, जिससे वे खुद का छोटा या बड़ा रोजगार शुरू कर सकी हैं।
- सुरक्षित मातृत्व और स्वास्थ्य: मातृ वंदना योजना के जरिए गर्भवती महिलाओं को सीधे बैंक खातों में आर्थिक मदद और बेहतर पोषण सुनिश्चित किया गया है।
- बुनियादी सुविधाएं और सम्मान: स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों और उज्ज्वला योजना के तहत मिले मुफ्त एलपीजी कनेक्शन ने महिलाओं को बीमारी, धुएं और असुरक्षा से मुक्ति दिलाई है।
- लखपति दीदी पहल: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए कौशल विकास और नए अवसर दिए जा रहे हैं।
सशक्त नारी, विकसित भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत जैसे-जैसे वैश्विक पटल पर आगे बढ़ रहा है, देश की महिलाओं की आकांक्षाएं और उनका योगदान ही हमारे साझा विकास पथ का मार्गदर्शन करेंगे। आज महिलाएं सिर्फ सरकारी लाभ प्राप्त करने वाली लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि वे देश की आर्थिक तरक्की की मुख्य चालक बन चुकी हैं। जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और अंततः समाज प्रगति करता है। ‘विकसित भारत’ का सपना देश की नारी शक्ति के कंधों पर टिका हुआ है और उनकी हर छोटी-बड़ी सफलता इस संकल्प को और अधिक मजबूती दे रही है।
नया सामाजिक बदलाव
धरातल पर देखें तो इस सरकारी दृष्टिकोण का असर अब साफ़ दिखाई देने लगा है। शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों का ड्रॉपआउट रेट काफी कम हुआ है, वहीं उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों (STEM) में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। बैंकों में जनधन खाते खुलने से महिलाओं के हाथ में सीधे वित्तीय नियंत्रण पहुंचा है, जिससे परिवार के बड़े फैसलों में उनकी हिस्सेदारी और सम्मान दोनों बढ़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संदेश केवल एक औपचारिक बधाई नहीं है, बल्कि यह देश की नारी शक्ति के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता और उनके प्रति गहरे आदर का प्रतीक है।








