भागलपुर/अंगभारत| भागलपुर के पीरपैंती स्थित निर्माणाधीन अदाणी थर्मल पावर प्लांट में 55वें राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह का समापन समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। 6 मार्च से 12 मार्च तक चलने वाले इस कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य औद्योगिक परिसर में कार्यरत सभी कर्मचारियों और श्रमिकों के बीच कार्यस्थल की सुरक्षा और व्यक्तिगत सावधानी के प्रति जागरूकता का संचार करना था। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से किसी भी बड़े प्रोजेक्ट के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाने का प्रयास किया जाता है, जो औद्योगिक सुरक्षा का सबसे प्रमुख पहलू माना जाता है।
आयोजन के मुख्य उद्देश्य
अदाणी पावर प्लांट के परिसर में आयोजित इस सप्ताह भर चलने वाले अभियान के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल को जमीनी स्तर पर मजबूती देने पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रबंधन ने न केवल नियमों की जानकारी दी, बल्कि व्यवहारिक प्रशिक्षण पर भी जोर दिया ताकि श्रमिक अपनी दैनिक कार्यशैली में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इस आयोजन की सफलता इस बात से मापी जा सकती है कि वहां कार्यरत सैकड़ों श्रमिकों ने सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझा। औद्योगिक सुरक्षा का अर्थ केवल हेलमेट या जैकेट पहनना नहीं है, बल्कि कार्यस्थल पर हर कदम पर सतर्क रहना है।
“सुरक्षित कार्य वातावरण किसी भी औद्योगिक परियोजना की सफलता का आधार होता है। सभी कर्मचारियों को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कार्य करना चाहिए ताकि शून्य दुर्घटना का लक्ष्य हासिल किया जा सके।” – पीरपैंती अदाणी थर्मल पावर प्लांट के अधिकारी।
प्रतियोगिता और पुरस्कार वितरण
श्रमिकों और कर्मचारियों को सक्रिय रूप से जोड़ने के लिए इस दौरान कई रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य सुरक्षा के कठिन नियमों को सरल और रोचक तरीके से समझाना था। आयोजन के दौरान निम्नलिखित प्रतियोगिताएं प्रमुख रहीं:
- सुरक्षा स्लोगन प्रतियोगिता: श्रमिकों ने अपनी भाषा में सुरक्षा के प्रति नारे लिखे जो कार्यस्थल पर प्रेरणा का काम करेंगे।
- पोस्टर मेकिंग: इसमें दृश्य माध्यम से सुरक्षा संकेतों और खतरों के प्रति आगाह किया गया।
- क्विज सत्र: तकनीकी सुरक्षा मानकों और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के तरीकों पर प्रश्न पूछे गए।
समापन समारोह के दिन, इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को अधिकारियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार वितरण का मुख्य ध्येय उन श्रमिकों का उत्साहवर्धन करना था जिन्होंने सुरक्षा के प्रति गहरी रुचि दिखाई।
कार्यस्थल सुरक्षा का महत्व
किसी भी पावर प्लांट के निर्माण में भारी मशीनों और बिजली के उपकरणों का उपयोग होता है। ऐसे में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन जानलेवा हो सकता है। पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट में अपनाई जा रही यह कार्य संस्कृति न केवल कंपनी के हितों की रक्षा करती है, बल्कि प्रत्येक श्रमिक के जीवन की सुरक्षा भी सुनिश्चित करती है।
| सुरक्षा मानक | उपयोगिता |
|---|---|
| व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) | शारीरिक चोटों को रोकने हेतु |
| नियमित मॉक ड्रिल | आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया |
| सुरक्षा जागरूकता सत्र | मानवीय भूलों में कमी लाने हेतु |
अधिकारियों ने अपने समापन उद्बोधन में स्पष्ट किया कि सुरक्षा कोई एक सप्ताह का कार्य नहीं है, बल्कि यह साल के 365 दिन पालन करने वाली आदत है। पीरपैंती स्थित इस इकाई में सतर्कता बरतने और सुरक्षित कार्य संस्कृति को अपनाए रखने का संकल्प दोहराया गया। भविष्य में भी प्रबंधन ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन करता रहेगा ताकि कार्यस्थल की हर छोटी से बड़ी गतिविधि सुरक्षित बनी रहे। यह निरंतरता ही औद्योगिक विकास की सही दिशा है।








