अंग भारत,पूर्णिया । पूर्णिया जिले के नाथपुर पंचायत स्थित नवटोलिया गांव के सरकारी स्कूल परिसर में संचालित चार आंगनबाड़ी केंद्रों में व्याप्त अनियमितताओं पर अब विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों ने केंद्रों के संचालन में भारी लापरवाही और अनियमितता का आरोप लगाते हुए स्कूल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। इन शिकायतों को ‘अंग भारत’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) पुष्पा रानी ने तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि बच्चों के पोषण और शिक्षा से जुड़े आंगनबाड़ी केंद्रों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद महिला पर्यवेक्षिका बबीता कुमारी ने सभी चार केंद्रों की सेविकाओं को नोटिस जारी कर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यदि सेविकाओं द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक और विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अनियमितताओं का स्वरूप
ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया था। यदि हम इन केंद्रों की कार्यप्रणाली को देखें, तो निम्नलिखित समस्याएं मुख्य रूप से सामने आई हैं:
- आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलने वाले पोषाहार की गुणवत्ता और वितरण में कमी।
- सेविकाओं की उपस्थिति और केंद्रों के खुलने के समय में अनिश्चितता।
- स्कूल परिसर में चार केंद्रों का संचालन होने के कारण स्थान की कमी और बच्चों के बैठने की अव्यवस्थित व्यवस्था।
- सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव।
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र पूर्व प्राथमिक शिक्षा और कुपोषण दूर करने की आधारशिला हैं। यदि यहां समय पर सेवाएं नहीं मिलेंगी, तो इसका सीधा असर गांव के बच्चों के स्वास्थ्य और विकास पर पड़ेगा। स्कूल परिसर में चल रहे इन केंद्रों के प्रति ग्रामीणों में व्याप्त आक्रोश इस बात का संकेत है कि निगरानी तंत्र में सुधार की आवश्यकता है।
जांच और भविष्य की राह
महिला पर्यवेक्षिका बबीता कुमारी ने बताया कि वे स्वयं जांच दल के साथ स्थल का निरीक्षण करेंगी और केंद्रों के रिकॉर्ड की गहन जांच होगी। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जांच केवल कागजी न हो, बल्कि धरातल पर सुधार नजर आना चाहिए।
| पद का नाम | अधिकारी का नाम |
|---|---|
| बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) | पुष्पा रानी |
| महिला पर्यवेक्षिका | बबीता कुमारी |
यह मामला स्पष्ट करता है कि जब मीडिया और नागरिक समाज मिलकर काम करते हैं, तो प्रशासनिक जवाबदेही तय करना आसान हो जाता है। पूर्णिया के नवटोलिया गांव के लोगों के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई किस हद तक केंद्रों की कार्यशैली में बदलाव लाती है। सेविकाओं का स्पष्टीकरण मिलने के बाद बाल विकास परियोजना कार्यालय अपनी अगली रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उम्मीद है कि इस कार्रवाई से व्यवस्था में सुधार होगा और आंगनबाड़ी केंद्रों का लाभ वास्तविक जरूरतमंद बच्चों को मिलना शुरू होगा।








