गोड्डा,अंगभारत:- गोड्डा नगर परिषद के उपाध्यक्ष पद के लिए हुए रोमांचक और शांतिपूर्ण चुनावी मुकाबले में पूजा तिवारी ने शानदार जीत हासिल की है। 11 मार्च को डीआरडीए सभागार, गोड्डा में आयोजित नगरपालिका (आम) चुनाव–2026 की अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान पूजा तिवारी को कुल 13 मत मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी तराना खातून केवल 8 मत ही जुटा सकीं। इस तरह 5 मतों के स्पष्ट अंतर से पूजा तिवारी को विजयी घोषित किया गया। निर्वाचन अधिकारी ने इस जीत की आधिकारिक घोषणा करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा। इस चुनाव के बाद अब गोड्डा शहर के विकास कार्यों में नई तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
अप्रत्यक्ष चुनाव का गणित
नगर परिषद में उपाध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं बल्कि जनता द्वारा चुनकर आए वार्ड पार्षदों के माध्यम से होता है। इसे ही तकनीकी भाषा में अप्रत्यक्ष निर्वाचन कहा जाता है। गोड्डा नगर परिषद के इस चुनाव में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। पूजा तिवारी के पक्ष में 13 पार्षदों ने खुलकर मतदान किया और उन पर अपना भरोसा जताया। वहीं, दूसरी तरफ तराना खातून को मात्र 8 मतों से संतोष करना पड़ा। इस चुनावी मुकाबले को लेकर पिछले कई दिनों से स्थानीय राजनीति में सरगर्मी बेहद तेज थी। दोनों ही खेमे अपनी-अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिख रहे थे, लेकिन अंततः चुनावी गणित पूजा तिवारी के पक्ष में रहा।
कौन-कौन से अधिकारी रहे मौजूद?
इस पूरी संवेदनशील चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए थे। डीआरडीए सभागार में मतदान और मतगणना के दौरान जिले के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहे। इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी उपस्थित थे:
- दीपक कुमार दूबे (उपविकास आयुक्त): उन्होंने चुनाव की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर नजर रखी और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित की।
- रितेश जयसवाल (निर्वाची पदाधिकारी): इनकी सीधी देखरेख में पूरी मतदान प्रक्रिया और मतों की गिनती का काम बिना किसी बाधा के संपन्न हुआ।
- फैजान सरवर (जिला पंचायती राज पदाधिकारी): इन्होंने चुनाव के तकनीकी और नियमावली से जुड़े पहलुओं को सुचारू रूप से लागू करवाने में अहम भूमिका निभाई।
इन अधिकारियों की मुस्तैदी के कारण ही पूरी प्रक्रिया बिना किसी विवाद के समाप्त हुई। चुनाव संपन्न होने के बाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त ने नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष पूजा तिवारी को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए नेतृत्व के आने से गोड्डा नगर परिषद क्षेत्र में लटके हुए विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी।
कैसे हुआ मतदान?
11 मार्च को सुबह से ही डीआरडीए सभागार के बाहर गहमागहमी का माहौल था। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति मतदान केंद्र के आसपास व्यवधान न डाल सके। सभी निर्वाचित वार्ड पार्षद तय समय पर सभागार पहुंचे। मतदान कक्ष के भीतर जाने से पहले सुरक्षा जांच की गई। निर्वाची पदाधिकारी रितेश जयसवाल ने चुनाव शुरू होने से पहले सभी पार्षदों को मतदान के नियमों और मतपत्र पर निशान लगाने की सही विधि के बारे में विस्तार से समझाया। इसके बाद बैलेट पेपर के जरिए गुप्त मतदान शुरू हुआ। सभी 21 पार्षदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसके बाद मतों की गिनती की गई और परिणाम घोषित हुए।
क्या हैं मुख्य चुनौतियां?
गोड्डा नगर परिषद का उपाध्यक्ष बनना पूजा तिवारी के लिए सम्मान की बात तो है, लेकिन उनके सामने चुनौतियों का एक बड़ा पहाड़ भी खड़ा है। गोड्डा शहर की जनता लंबे समय से बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। नए उपाध्यक्ष को कार्यभार संभालते ही इन मुख्य मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर काम करना होगा:
| समस्या का क्षेत्र | मुख्य मांग और जरूरतें |
|---|---|
| पेयजल संकट | गर्मी के दस्तक देते ही पानी की किल्लत बढ़ जाती है। हर वार्ड तक नल का जल पहुंचाना बेहद जरूरी है। |
| सड़क और जलजमाव | बारिश के दिनों में शहर की सड़कें तालाब बन जाती हैं। एक बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। |
| कचरा प्रबंधन | शहर के विभिन्न चौराहों पर जमा होने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और नियमित सफाई। |
| स्ट्रीट लाइट | सभी 21 वार्डों के अंधेरे रास्तों और मुख्य गलियों में नई एलईडी लाइटें लगाना ताकि सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रहे। |
विकास कार्यों को मिलेगी गति
नगर परिषद में सुचारू रूप से काम करने के लिए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कार्यपालक पदाधिकारी के बीच बेहतर समन्वय होना बेहद आवश्यक है। चूंकि पूजा तिवारी को 13 पार्षदों का मजबूत समर्थन हासिल है, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि नगर परिषद बोर्ड की बैठकों में विकास योजनाओं को पारित कराने में कोई बड़ी राजनीतिक अड़चन नहीं आएगी। बहुमत का यह आंकड़ा उन्हें स्वतंत्र रूप से और दृढ़ता के साथ जनहित के फैसले लेने में मदद करेगा।
“गोड्डा शहर की जनता ने हमारे पार्षदों के माध्यम से जो भरोसा मुझ पर जताया है, मैं उस पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करूंगी। बिना किसी भेदभाव के सभी 21 वार्डों का समान विकास करना और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है।”
– पूजा तिवारी, नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष, गोड्डा नगर परिषद
इस शानदार जीत के बाद डीआरडीए सभागार के बाहर जुटे पूजा तिवारी के समर्थकों ने फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। समर्थकों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर और मिठाई बांटकर इस जीत का जश्न मनाया। अब देखना यह होगा कि नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष अपने इस कार्यकाल में गोड्डा शहर की सूरत बदलने में कितनी कामयाब हो पाती हैं।








