सुपौल, अंग भारत। सुपौल जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र स्थित नमनवा में संचालित कोलकाता मिक्सिंग प्लांट में मंगलवार को हुई एक दर्दनाक दुर्घटना में 45 वर्षीय मजदूर मोहम्मद इदरीश की जान चली गई। घटना तब हुई जब प्लांट परिसर में मौजूद एक जर्जर भवन का पिलर अचानक भरभरा कर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर मोहम्मद इदरीश गंभीर रूप से दब गए। मौके पर मौजूद अन्य श्रमिकों ने उन्हें तुरंत बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन मलबे के नीचे दबने से उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। इस हादसे ने निर्माण स्थलों पर बरती जाने वाली सुरक्षा लापरवाही की पोल खोल दी है, जिसके चलते आक्रोशित स्थानीय निवासियों और मृतक के परिजनों ने सुपौल-सरायगढ़ मुख्य सड़क को जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया।
लापरवाही का गंभीर आरोप
इस दुखद हादसे के बाद आक्रोशित भीड़ ने प्लांट प्रबंधन और संवेदक (Contractor) पर सीधा आरोप लगाया। स्थानीय लोगों का तर्क है कि प्लांट प्रबंधन को पहले से ही पता था कि भवन जर्जर स्थिति में है, इसके बावजूद मजदूरों से उसी असुरक्षित स्थान के पास काम लिया जा रहा था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि:
- कार्यस्थल पर सुरक्षा के मानकों (Safety Protocols) का घोर उल्लंघन किया गया।
- जर्जर भवन के पास काम करना सीधे तौर पर जान जोखिम में डालना था।
- हादसे के बाद प्लांट का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या संवेदक मौके पर नहीं पहुंचा।
सड़क जाम और हंगामा
प्रबंधन की ओर से कोई सुध न लिए जाने के कारण स्थानीय लोग और मृतक के परिजन भड़क गए। उन्होंने सुपौल-सरायगढ़ मुख्य मार्ग को बाधित कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। करीब आधे घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने मुआवजे और संवेदक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची भीड़ ने प्लांट परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही किशनपुर थाना अध्यक्ष ज्ञान रंजन दलबल के साथ नमनवा स्थित प्लांट परिसर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों से बातचीत की। थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच में पिलर गिरने से मजदूर की मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और यदि परिजनों की ओर से उचित आवेदन मिलता है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
परिवार पर दुखों का पहाड़
मोहम्मद इदरीश की मृत्यु ने उनके परिवार के भविष्य पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। परिजनों के अनुसार, इदरीश अपने परिवार के एकमात्र सहारा थे और उनकी कमाई से ही घर का चूल्हा जलता था। हादसे की खबर मिलते ही मृतक की बेटी और अन्य परिजन गहरे सदमे में चले गए। स्थानीय महिलाओं और पड़ोसियों ने किसी तरह उन्हें संभाला, जिसके बाद उन्हें इलाज और सांत्वना के लिए अस्पताल ले जाया गया।
निर्माण स्थलों की सुरक्षा
यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उन अनगिनत श्रमिकों की सुरक्षा पर एक सवाल है जो रोजाना ऐसे जोखिम भरे माहौल में काम करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि:
निर्माण कार्य के दौरान स्थल का स्ट्रक्चरल ऑडिट (Structural Audit) समय-समय पर होना अनिवार्य है। यदि कोई भवन जर्जर है, तो उसे तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए था।
दुर्भाग्य से, इस मामले में सुरक्षा के बुनियादी नियमों को ताक पर रखा गया, जिसकी कीमत एक निर्दोष मजदूर को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार संवेदक को कटघरे में खड़ा करेगा या फिर यह मामला अन्य फाइलों की तरह दबकर रह जाएगा।








