गुवाहाटी,अंग भारत। असम में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही राज्य का राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ा है। असम प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ इस चुनावी शंखनाद का मुख्य केंद्र बनी हुई है, जिसे राज्य के कोने-कोने में भारी जनसमर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को गोलाघाट जिले का दौरा शुरू किया है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पिछले कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखना और आगामी चुनाव के लिए लोगों का प्रत्यक्ष आशीर्वाद व समर्थन प्राप्त करना है, ताकि भाजपा के मिशन को धरातल पर मजबूती मिल सके।
यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के कार्यक्रम की रूपरेखा बेहद सघन है। वे 7 मार्च को सरूपथार से अपनी यात्रा का श्रीगणेश करेंगे। अपने दौरे के दौरान वे गोलाघाट और खुमटाई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए अंत में देरगांव में इस यात्रा का समापन करेंगे। यह दौरा मात्र एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और अधिक मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति है।
- सरूपथार: यात्रा का शुरुआती बिंदु, जहाँ से मुख्यमंत्री चुनावी बिगुल फूंकेंगे।
- गोलाघाट और खुमटाई: इन क्षेत्रों में जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय मुद्दों पर चर्चा होगी।
- देरगांव: यात्रा का अंतिम पड़ाव, जहाँ पार्टी की शक्ति का प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
नेतृत्व और पार्टी समर्थन
गोलाघाट जिले की इस महत्वपूर्ण यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के साथ असम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दिलीप सैकिया भी मौजूद रहेंगे। इन दोनों वरिष्ठ नेताओं का एक साथ होना यह दर्शाता है कि पार्टी आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह संगठित है। दिलीप सैकिया का साथ मिलना कार्यकर्ताओं के मनोबल में जबरदस्त इजाफा कर रहा है। भाजपा का मानना है कि संगठन और नेतृत्व के इस तालमेल से वे विपक्षी दलों के सामने एक अभेद्य दीवार खड़ी कर पाएंगे।
विकास कार्यों का दावा
भाजपा का स्पष्ट कहना है कि यह यात्रा केवल वोटों के लिए नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास को मजबूती देने का जरिया है। पार्टी ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में असम ने तीन मुख्य क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव देखे हैं:
| क्षेत्र | प्रमुख बदलाव |
|---|---|
| आधारभूत संरचना | सड़क, पुल और ग्रामीण कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार। |
| शिक्षा | सरकारी स्कूलों और तकनीकी शिक्षा के संस्थानों में सुधार। |
| स्वास्थ्य | नए अस्पतालों का निर्माण और चिकित्सा सेवाओं की पहुंच। |
जनता का बढ़ता रुझान
28 फरवरी से शुरू हुई ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ अब तक राज्य के कई हिस्सों को कवर कर चुकी है। भीड़ का उमड़ना यह संकेत देता है कि राज्य की जनता भाजपा की कार्यशैली के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा अपने भाषणों में अक्सर यह दोहराते हैं कि राज्य की प्रगति के लिए निरंतरता बहुत जरूरी है। स्थानीय लोग भी इन सभाओं में अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचा रहे हैं, जो इस यात्रा को अधिक व्यावहारिक और मानवीय बनाता है।
राजनीतिक महत्व और दृष्टि
असम की राजनीति में गोलाघाट हमेशा से ही एक महत्वपूर्ण चुनावी केंद्र रहा है। यहाँ की जनसभाएं इस बात का पैमाना तय करेंगी कि भाजपा अपने विकास एजेंडे को लेकर जनता के बीच कितनी प्रभावी रही है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा का आक्रामक प्रचार और जनसंपर्क अभियान आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा की जीत की पटकथा लिखने में अहम भूमिका निभा रहा है। कार्यकर्ता और समर्थक दोनों ही इस यात्रा को एक बड़े जनादेश की पूर्व-तैयारी के रूप में देख रहे हैं, जहाँ भाजपा न केवल अपनी सत्ता बनाए रखने, बल्कि अपने सीट शेयर को बढ़ाने का भी लक्ष्य लेकर चल रही है।








